मानवता की सेवा, परोपकार और समाज कल्याण की भावना को सर्वोपरि रखते हुए मध्यप्रदेश के कटनी जिले में एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल देखने को मिली है। कटनी जिले में समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों द्वारा लगातार जनहितकारी कार्य किए जा रहे हैं, और इसी कड़ी में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने आगे आकर अपने शरीर को चिकित्सा विज्ञान और मानव कल्याण के लिए समर्पित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कटनी जिले के माधवनगर स्थित सिंधु भवन में आयोजित एक गरिमामयी देहदान संकल्प कार्यक्रम के दौरान जिले के 112 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से देहदान का संकल्प लिया और अपने संकल्प-पत्र मुख्य अतिथि को सौंपे। इस आयोजन ने न केवल कटनी जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में मानवीय मूल्यों और सामाजिक जागरूकता का एक नया संदेश दिया है।

सिंधु भवन में आयोजित हुआ विशेष संकल्प कार्यक्रम

कटनी शहर के माधवनगर क्षेत्र में स्थित सिंधु भवन में आयोजित यह देहदान संकल्प कार्यक्रम पूरी तरह से परोपकार और सेवा भाव को समर्पित रहा। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह से अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से ओतप्रोत था। इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गाें के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत समाजहित और मानव कल्याण के वैचारिक सत्र के साथ हुई, जहाँ वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मृत्यु के पश्चात शरीर का नश्वर हो जाना तय है, लेकिन यदि यही नश्वर शरीर किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने या चिकित्सा विद्यार्थियों के अध्ययन के काम आ सके, तो यह जीवन का सबसे बड़ा सदुपयोग साबित होता है। इस वैचारिक चर्चा ने उपस्थित लोगों के मन पर गहरा प्रभाव डाला और कई अन्य लोगों को भी इस नेक कार्य से जुड़ने की प्रेरणा दी।

सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय कटनी के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान उनकी उपस्थिति ने देहदानियों का हौसला और उत्साह दोनों बढ़ाया। डॉ. यशवंत वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देहदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान और मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में मृत शरीरों (कैडेवर) की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है ताकि भावी डॉक्टर मानव शरीर की संरचना को बारीकी से समझ सकें और भविष्य में कुशल चिकित्सक बनकर इंसानों की जान बचा सकें। सिविल सर्जन ने कटनी जिले के नागरिकों की इस पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए एक महान कदम बताया।

112 नागरिकों द्वारा संकल्प-पत्र सौंपने का ऐतिहासिक पल

कार्यक्रम का सबसे मुख्य और प्रेरणादायक क्षण वह था जब कटनी जिले के 112 संकल्पकर्ताओं ने एक-एक करके अपने देहदान के संकल्प-पत्र मुख्य अतिथि एवं जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा को सौंपे। एक साथ 112 व्यक्तियों द्वारा इस प्रकार का संकल्प लिया जाना इस बात का प्रमाण है कि कटनी जिले में अब सामाजिक रूढ़ियों और भ्रांतियों को पीछे छोड़कर लोग वैज्ञानिक और परोपकारी सोच को अपनाने लगे हैं। इन संकल्प-पत्रों को सौंपते समय नागरिकों के चेहरे पर एक संतोष और गर्व का भाव साफ झलक रहा था कि उनका यह कदम मरणोपरांत किसी के जीवन या शिक्षा के काम आ सकेगा।

संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से मिली प्रेरणा

कार्यक्रम में उपस्थित देहदानियों और आयोजकों ने खुलकर साझा किया कि उन्हें इस महान कार्य को करने की प्रेरणा संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से प्राप्त हुई है। वक्ताओं और संकल्पकर्ताओं का कहना था कि संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों और उनकी ओर से दी जाने वाली मानवता, भाईचारा, नशा मुक्ति और समाज सुधार की शिक्षाओं से उन्हें यह समझ मिली कि असली मानव वही है जो दूसरों के काम आए। परोपकार की इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने यह संकल्प लिया कि उनकी मृत्यु के उपरांत उनका शरीर किसी भी प्रकार से व्यर्थ न जाए, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और मानव कल्याण के कार्यों में पूरी तरह उपयोगी साबित हो सके।

सामाजिक जागरूकता और भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज भी समाज में मरणोपरांत देहदान और अंगदान को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां और संकोच मौजूद हैं। कई लोग धार्मिक मान्यताओं या अज्ञानता के चलते इस विषय पर खुलकर बात करने से बचते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे समाज में इस तरह के मानवीय और जनहितकारी प्रयासों के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए आगे आएं। डॉ. वर्मा ने कहा कि जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी, तब तक जरूरतमंदों को चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में अपेक्षित सहयोग मिलना कठिन होगा। कटनी जिले के इन 112 नागरिकों का यह कदम अन्य लोगों के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करेगा।

कटनी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सराहना

कटनी जिले में इस प्रकार के बड़े संकल्प कार्यक्रमों का सफल होना इस बात को दर्शाता है कि यहाँ का प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जागरूक नागरिक मिलकर समाज सुधार की दिशा में बेहतरीन तालमेल के साथ काम कर रहे हैं। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इस पहल को जिस प्रकार समर्थन दिया गया है, उससे यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग भी जनता के बीच जाकर ऐसी सकारात्मक पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कटनी जिले में बल्कि पूरे संभाग में यह संदेश गया है कि यदि सही दिशा में मार्गदर्शन मिले, तो आमजन बड़े से बड़ा सामाजिक परिवर्तन लाने में पीछे नहीं हटते।

भविष्य की दिशा और समाज के लिए संदेश

कटनी के माधवनगर में संपन्न हुआ यह देहदान संकल्प कार्यक्रम केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक मजबूत सामाजिक नींव है। 112 व्यक्तियों द्वारा एक साथ देहदान का संकल्प लेना यह बताता है कि समाज अब रूढ़िवादिता को छोड़कर विज्ञान और मानवता के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पहल कटनी जिले के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज हो गई है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी स्वार्थी जीवन से ऊपर उठकर परोपकार का मार्ग चुनने के लिए प्रेरित करती रहेगी। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से इस प्रकार के अभियान यदि निरंतर चलते रहें, तो वह दिन दूर नहीं जब हर नागरिक बिना किसी झिझक के मानवता की भलाई के लिए आगे आएगा।

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