नगरकोट के खसरा नंबर 324 में नपा के कचरा डंपिंग का विरोध: ग्रामीणों ने SDM के नाम तहसीलदार कों सौंपा ज्ञापन
मुलताई।नगरपालिका परिषद मुलताई द्वारा ग्राम नगरकोट स्थित खसरा नंबर 324 में कचरा डाले जाने की योजना का स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने कड़ा विरोध जताया है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी मुलताई के नाम तहसीलदार डॉ संजय बरैया को ज्ञापन सौंपकर उक्त स्थान पर कचरा डंप न करने की माँग की है।
ताप्ती और तवा नदी और पेयजल योजनाओं पर प्रदूषण का खतरा
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि खसरा नंबर 324 चार प्रमुख गाँवों—आमाडोह, सेमझिरा, पाठाखेड़ा और नगरकोट की सीमाओं (सिवाने) पर स्थित एक ऊँचाई वाला क्षेत्र है।
नदी और जलस्रोत: इस क्षेत्र के नीचे से स्थानीय तवा नदी लगभग 10 महीने बहती है, जो आगे चलकर 'श्रवण तीर्थ' पर पावन ताप्ती नदी में मिलती है।
पेयजल और सिंचाई: ताप्ती नदी पर पाँच बाँध बने हैं, जिनका उपयोग सिंचाई और क्षेत्र की प्रमुख पेयजल योजनाओं के लिए किया जाता है। यदि ऊँचाई वाले इस स्थान पर कचरा डंप किया जाता है, तो बहकर जाने वाली गंदगी से जलस्रोत बुरी तरह प्रदूषित हो जाएँगे।
ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन में दर्शाई गई मुख्य समस्याएँ:
चारागाह और पशुपालन पर संकट: यह स्थान चारागाह (गोचर भूमि) के रूप में उपयोग होता है। कचरा डालने से मवेशियों के स्वास्थ्य और पशुपालन पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
फसलों को नुकसान: कचरे में आग लगने या रासायनिक रिसाव से आसपास के कृषकों की फसलों के जलने व नष्ट होने का खतरा बना रहेगा।
धार्मिक आस्था का केंद्र: इस क्षेत्र में एक प्रमुख धार्मिक स्थल मौजूद है, जिससे समस्त आसपास के ग्रामीणों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है।
वन्यजीवों पर प्रभाव: इस क्षेत्र में मोर, नीलगाय, हिरण जैसे कई जंगली पशु-पक्षी बहुतायत में पाए जाते हैं, जिन्हें कचरे और गंदगी से जानलेवा नुकसान हो सकता है।
माँग:
ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित, पर्यावरण संरक्षण तथा ताप्ती एवं तवा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नगरपालिका द्वारा इस स्थान पर कचरा न डालने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।वही मामले की शिकायत पॉल्यूशन बोर्ड से करने की बात कही है।
नगरकोट के खसरा नंबर 324 में नपा के कचरा डंपिंग का विरोध: ग्रामीणों ने SDM के नाम तहसीलदार कों सौंपा ज्ञापन
मामले की शिकायत पॉल्यूशन बोर्ड से करने की बात कही है
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