बुरहानपुर जिले के संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सुशासन और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समय-सीमा (टीएल) बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक की अध्यक्षता बुरहानपुर कलेक्टर श्री हर्ष सिंह द्वारा की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी शासकीय योजनाओं, विकासात्मक कार्यों और अधोसंरचना निर्माण की अद्यतन प्रगति की सूक्ष्मता के साथ समीक्षा करना था। शासन की यह प्राथमिकता है कि योजनाएं फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बैठक का मूल उद्देश्य जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और विभागीय कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना है।
विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने जिले के प्रमुख विभागों के कार्यों की विस्तृत और बिंदुवार समीक्षा की। इस प्रक्रिया में जिले के विकास से जुड़े लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों को शामिल किया गया। मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों के कार्यों का गहन मूल्यांकन किया गया:
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कृषि एवं उद्यानिकी विभाग: कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों को तकनीक से जोड़ने और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं की समीक्षा।
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पशुपालन एवं सहकारिता विभाग: पशुपालकों के कल्याण, दुग्ध उत्पादन, और सहकारी समितियों के सुचारू संचालन की स्थिति का आकलन।
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महिला एवं बाल विकास विभाग: महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभागीय योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन।
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आजीविका एवं उद्योग विभाग: रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और नए उद्योगों की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा।
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आधारभूत संरचना विभाग: पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जल संसाधन विभाग द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति।
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अन्य महत्वपूर्ण विभाग: इसके अतिरिक्त वन, श्रम, खनिज, योजना एवं सांख्यिकी, तथा परिवहन विभाग सहित अन्य विभागों की विभागीय गतिविधियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
सक्रियता, संवेदनशीलता और आपसी समन्वय पर कड़े निर्देश बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने सभी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने दैनिक कार्यों में सक्रियता और आम जनता के प्रति संवेदनशीलता प्रदर्शित करें। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शासकीय योजना की सफलता विभागों के आपसी समन्वय पर निर्भर करती है। अतः सभी विभाग एक टीम के रूप में कार्य करें। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न करें और अपेक्षित प्रगति को हर हाल में सुनिश्चित करें।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त चेतावनी प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी अधिकारी अथवा कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सेवा नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की जाएगी। कार्य के प्रति लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है।
स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलेक्टर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के संबंध में विशेष निर्देश जारी किए।
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विभागीय योजनाओं से जुड़ाव: उन्होंने निर्देशित किया कि स्व-सहायता समूहों की दीदियों को केवल पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें मत्स्य पालन सहित अन्य सभी विभागों की हितग्राहीमूलक योजनाओं के साथ जोड़ा जाए।
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स्वरोजगार के अवसर: कलेक्टर ने कहा कि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ, उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें।
रोजगार एवं आर्थिक कल्याण की प्रमुख योजनाओं की प्रगति जिले में स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा की गई।
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प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना के तहत स्वीकृत प्रकरणों की स्थिति जांची गई।
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पीएमएफएमई योजना: सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन की इस योजना के तहत लाभान्वित किए जा रहे उद्यमियों की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने बैंक और विभागों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं के लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए।
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण आम जनता की शिकायतों के निवारण के लिए 'सीएम हेल्पलाइन' की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
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संतुष्टिपूर्वक समाधान: कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज नागरिकों की शिकायतों का केवल कागजी निराकरण न किया जाए, बल्कि प्राथमिकता के आधार पर शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि के साथ प्रकरण बंद किया जाए।
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पोर्टल पर स्पष्ट जानकारी: शिकायत का निराकरण करने के पश्चात पोर्टल पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जानकारी ही दर्ज की जाए।
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नॉन-अटेंडेंड प्रकरणों पर नोटिस: सीएम हेल्पलाइन के अनदेखे (नॉन-अटेंडेंड) प्रकरणों पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और लंबित प्रकरणों के जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए।
"मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान" की व्यापक समीक्षा जिले में चलाए जा रहे "मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान" की प्रगति की इस बैठक में समीक्षा की गई।
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तत्परता और संवेदनशीलता: कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस अभियान के तहत सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता के साथ किया जाए।
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कार्यालयों का औचक निरीक्षण: सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों का नियमित भौतिक निरीक्षण करें ताकि कार्यप्रणाली में सुधार आ सके।
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निरीक्षण प्रतिवेदन की प्रस्तुति: अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने द्वारा किए गए निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें।
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जांच प्रतिवेदनों के लिए समय-सीमा: लंबित पड़ी जांचों के संबंध में कलेक्टर ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सभी लंबित जांच प्रतिवेदनों को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए।
फार्मर रजिस्ट्री एवं न्यायालयीन राजस्व प्रकरणों में तेजी किसानों से जुड़े राजस्व मामलों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।
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फार्मर रजिस्ट्री: किसानों के डिजिटल डेटाबेस के लिए चल रहे 'फार्मर रजिस्ट्री' कार्य की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने राजस्व और कृषि अधिकारियों को इस कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।
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राजस्व न्यायालयों की स्थिति: विभिन्न राजस्व न्यायालयों में चल रहे प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आम जनता को न्याय के लिए भटकना न पड़े, इसलिए सभी राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
निष्कर्ष एवं कलेक्टर का अंतिम संदेश बैठक के समापन सत्र में कलेक्टर श्री हर्ष सिंह ने संपूर्ण प्रशासनिक अमले को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश शासन की जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के सबसे अंतिम पात्र हितग्राही तक पहुंचाना ही जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने आचरण में संवेदनशीलता लाएं। आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि बुरहानपुर जिले की आम जनता को सुलभ और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं निरंतर उपलब्ध होती रहें।
इस महत्वपूर्ण समय-सीमा बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) और अपर कलेक्टर श्री सृजन वर्मा सहित जिले के समस्त विभागों के कार्यालय प्रमुख (HODs) और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पूर्ण समय उपस्थित रहे।
image source : https://burhanpur.mpinfo.org
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