मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में प्रशासन ने एक नई मिसाल कायम की है। सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, विदिशा जिले के कुरवाई अनुभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरेखों के ग्राम आमखेड़ा में अधिकारियों ने पहुंचकर जनसुनवाई की और लंबित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। यह अभियान केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों ने गांव की पगडंडियों पर चलकर और सीधे ग्रामीणों से संवाद करके उनकी समस्याओं की जड़ों को समझा और उन्हें जड़ से समाप्त करने का कार्य किया। प्रशासन की इस सक्रियता ने ग्रामीणों के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।
अधिकारी पहुंचे चौपाल, दूर की ग्रामीणों की पीड़ा
जन विश्वास अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच की दूरी को मिटाना है। अक्सर ग्रामीण इलाकों में लोग अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन उनकी शिकायतें लंबी अवधि तक लंबित रहती हैं। विदिशा जिले के कुरवाई में इस अभियान की सार्थकता तब दिखी जब अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कुरवाई श्री मनीष कुमार जैन ने ग्राम आमखेड़ा में चौपाल का आयोजन किया।
इस दौरान अधिकारियों ने न केवल शिकायतों को सुना, बल्कि समस्या की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पूरे गांव का दौरा किया। यह प्रत्यक्ष निरीक्षण ही था जिसने प्रशासन को समस्याओं की गंभीरता को समझने में मदद की। चौपाल में लिए गए निर्णय प्रशासनिक निर्णय लेने की गति को प्रदर्शित करते हैं।
216 दिन पुरानी शिकायत का निराकरण
आमखेड़ा गांव में एक शिकायतकर्ता अनिल यादव की 216 दिन पुरानी शिकायत का निराकरण करना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। अनिल यादव ने शासकीय मार्ग पर किए गए अतिक्रमण के कारण हो रही आवागमन की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यह समस्या न केवल अनिल यादव की थी, बल्कि पूरे गांव के निवासियों को दैनिक कार्यों में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
एसडीएम कुरवाई श्री मनीष कुमार जैन ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मौके का मुआयना किया। उन्होंने अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया और संवाद के माध्यम से उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित किया। आपसी सहमति और कानूनी समझाइश के बाद, न केवल अतिक्रमण हटाया गया, बल्कि वर्षों से बाधित मार्ग को ग्रामीणों के लिए सुगम बना दिया गया। 216 दिनों के लंबे इंतजार के बाद मिली यह राहत ग्रामीणों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं थी।
राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान
ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि और राजस्व संबंधी विवाद सबसे अधिक समय लेते हैं। ग्राम आमखेड़ा में आयोजित ग्राम सभा के दौरान पटवारी द्वारा सार्वजनिक रूप से बी-1 का वाचन किया गया, जो पारदर्शिता का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस प्रक्रिया में 12 ऐसे महत्वपूर्ण प्रकरण सामने आए, जिनमें भूमि स्वामियों की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हो पाए थे।
प्रशासनिक अमले ने इसे तत्परता से लेते हुए मौके पर ही पंचनामा तैयार कराया और सजरा (नक्शा) अपडेट करने की कार्रवाई शुरू की। इस प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित परिवारों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। राजस्व रिकॉर्ड में सुधार होने से भविष्य में इन परिवारों को अपनी भूमि संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पात्रता पर्ची और खाद्यान्न सुरक्षा सुनिश्चित करना
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाना जन विश्वास अभियान का एक प्रमुख स्तंभ है। ग्राम सरेखों के निवासी रामबाबू अहिरवार पुत्र बारेलाल ने अपनी समस्या रखते हुए पात्रता पर्ची जारी करने की मांग की। पात्रता पर्ची के अभाव में गरीब परिवारों को शासन द्वारा दी जाने वाली खाद्यान्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है।
अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत मौके पर ही ग्राम सचिव और खाद्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय किया। प्रशासनिक तत्परता का परिणाम यह रहा कि पात्रता पर्ची तत्काल जारी कर दी गई। इससे हितग्राही रामबाबू अहिरवार और उनके परिवार के लिए राशन की सुविधा के द्वार खुल गए। यह कार्य दिखाता है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो जटिल प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी सरल हो सकती हैं।
सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्ति
जन विश्वास अभियान के दौरान एक और महत्वपूर्ण कार्य सार्वजनिक हैंडपंप को अतिक्रमण से मुक्त कराने का रहा। भूरी बाई कुर्मी द्वारा शिकायत की गई थी कि सार्वजनिक उपयोग वाले हैंडपंप पर किसी निजी व्यक्ति ने कब्जा कर लिया है और वहां फेंसिंग कर दी है। यह एक गंभीर विषय था क्योंकि पेयजल जैसे बुनियादी संसाधन पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं हो सकता।
शिकायत मिलते ही प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और निजी फेंसिंग को हटवाया। इसके परिणामस्वरूप, हैंडपंप अब सभी ग्रामीणों के उपयोग के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा, एक और हैंडपंप, जो पिछले एक वर्ष से खराब पड़ा था, उसे भी दुरुस्त किया गया। 14 अगस्त को ग्रामीणों ने इस समस्या को एसडीएम श्री मनीष कुमार जैन के समक्ष रखा था और अभियान के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए, 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर ही इसका सुधार कार्य पूर्ण कर लिया गया। अब ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से मुक्ति मिल गई है।
अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त संदेश
केवल जनसमस्याओं का समाधान ही नहीं, बल्कि जन विश्वास अभियान के तहत कानून-व्यवस्था को भी मजबूत किया गया। ग्राम पंचायत सरेखों में अवैध शराब की बिक्री की सूचनाओं पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। ग्रामीणों की सुरक्षा और सामाजिक परिवेश को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन का यह कदम सराहनीय है। यह दर्शाता है कि प्रशासन हर उस गतिविधि पर नजर रख रहा है जो जनहित के विरुद्ध है।
अभियान का प्रभाव और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से विदिशा प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण विकास केवल सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीणों के दैनिक जीवन में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान है। जब प्रशासन खुद ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनता है, तो सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ता है।
आमखेड़ा और सरेखों ग्राम पंचायत में हुई यह कार्रवाई एक मॉडल के रूप में देखी जानी चाहिए। जिन समस्याओं को हल होने में महीनों या साल लग जाते थे, उन्हें महज कुछ घंटों या दिनों में सुलझा दिया गया। यह 'प्रशासन जनता के द्वार' की अवधारणा को साकार करता है। भविष्य में इस प्रकार के अभियानों से न केवल लंबित प्रकरणों का निपटारा होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी बिना किसी बिचौलिए या विलंब के सीधे जनता तक पहुँचेगा। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में शासन के प्रति एक नई उम्मीद जगी है, जो वास्तव में लोकतंत्र की सफलता का सूचक है।
Image Source: https://vidisha.mpinfo.org
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