बालाघाट जिले के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। पर्यावरण संरक्षण और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने वाले अंतरराष्ट्रीय अभियानों—विश्व पर्यावरण दिवस और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस—के व्यापक संदर्भ में, महाविद्यालय में 'शासकीय योजनाओं पर जनजागरूकता एवं व्याख्यान कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 12 जून 2026 से शुरू होकर 18 जून 2026 तक निरंतर जारी रहा।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शासन की कल्याणकारी नीतियों से परिचित कराना और उन्हें एक जागरूक नागरिक के रूप में विकसित करना था। महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक लाभों के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें सामाजिक योजनाओं की मुख्यधारा से जोड़ने का भी एक सार्थक प्रयास किया।
प्राचार्य का आह्वान: जागरूक बनें और योजनाओं का उठाएं लाभ
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुमन बरवा द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भविष्य है और इस भविष्य को संवारने के लिए शासन द्वारा कई सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया:
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विद्यार्थियों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सक्रिय रूप से लाभ उठाना चाहिए।
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उन्होंने विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रहकर एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने का आह्वान किया।
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प्राचार्य ने इस बात पर बल दिया कि शासकीय योजनाओं की जानकारी न होने के कारण अक्सर पात्र विद्यार्थी इनके लाभों से वंचित रह जाते हैं, जिसे सुधारना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रमुख शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी
व्याख्यान के दौरान विद्वान प्राध्यापकों, डॉ. संगीता मेश्राम एवं डॉ. देवराज चैरे ने विद्यार्थियों को शासन की उन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जो सीधे तौर पर उनके भविष्य और शिक्षा को प्रभावित करती हैं। उन्होंने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, और मिलने वाले लाभों के बारे में बारीकी से समझाया।
कार्यक्रम में चर्चा की गई प्रमुख योजनाओं और क्लबों की सूची इस प्रकार है:
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मुख्यमंत्री मेधावी योजना: मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने वाली यह योजना शिक्षा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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विद्यार्थी आवास योजना: छात्रों के आवासीय संकट को दूर करने के उद्देश्य से संचालित यह योजना उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करती है।
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छात्रवृत्ति योजनाएं: इसमें अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जैसी प्रमुख योजनाओं पर चर्चा हुई, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए वरदान साबित होती हैं।
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गांव की बेटी योजना: ग्रामीण छात्राओं की शिक्षा को उच्च स्तर तक ले जाने हेतु यह एक प्रेरणादायक योजना है।
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राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS): विद्यार्थियों में सेवा भाव और अनुशासन विकसित करने हेतु एनएसएस की भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
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रेड रिबन क्लब: स्वास्थ्य और रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए इस क्लब की जानकारी दी गई।
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शैक्षणिक सहायता: निःशुल्क स्टेशनरी एवं पुस्तक वितरण योजना के बारे में भी बताया गया ताकि निर्धन विद्यार्थी बिना किसी आर्थिक बाधा के अध्ययन कर सकें।
विद्यार्थियों की भागीदारी और जिज्ञासा समाधान
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से न केवल सुना, बल्कि योजनाओं से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रश्न भी पूछे।
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प्रश्न-उत्तर सत्र: विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान उपस्थित प्राध्यापकों द्वारा बेहद सरल और स्पष्ट भाषा में किया गया।
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सक्रिय सहभागिता: उपस्थित विद्यार्थियों ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि चर्चा में सक्रिय योगदान देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
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प्रभाव: कार्यक्रम के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में शासकीय योजनाओं के प्रति न केवल जागरूकता बढ़ी है, बल्कि वे अब आत्मविश्वास के साथ इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी हुए हैं।
आयोजन में महाविद्यालय स्टाफ का योगदान
इस संपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। प्राचार्य और मुख्य वक्ताओं के अतिरिक्त, जिन अन्य विद्वान साथियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति और सहयोग प्रदान किया, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे, डॉ. निर्मल कीर्ति गेडाम, श्री नरेश सौलाखे, श्रीमती संध्या भलावे, श्री मनीष शिवहरे, डॉ. आशा कारे, श्रीमती अनिभा शरणागत, डॉ. आरती विश्वकर्मा, श्री दीपक अहिरवार, श्रीमती सरिता ऐड़े, श्री रामदयाल मथारे, श्री लकेश गेडाम, श्रीमती वंदना कुर्वे, श्री मिनेश पंचेश्वर, और श्री निशांत तलवरे। इन सभी के सामूहिक प्रयासों से ही विद्यार्थी शैक्षणिक एवं कल्याणकारी योजनाओं की उपयोगी जानकारी प्राप्त करने में समर्थ हुए।
निष्कर्ष: सशक्त होता विद्यार्थी समाज
शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ प्रशासन और आम नागरिक के बीच की कड़ी को मजबूत करता है। जब शिक्षण संस्थान इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं, तो उसका सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मिलता है। इस आयोजन ने सिद्ध किया कि यदि सही जानकारी और मार्गदर्शन समय पर मिल जाए, तो विद्यार्थी निश्चित ही अपने भविष्य को बेहतर दिशा में ले जा सकते हैं। इस सफल आयोजन के बाद महाविद्यालय में एक सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का संचार हुआ है, जो भविष्य के ऐसे अन्य कार्यक्रमों के लिए एक आधार बनेगा।
image source : https://balaghat.mpinfo.org

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