बालाघाट जिले के विकासखंड वारासिवनी के अंतर्गत डोंगरमाली पंचायत भवन में शुक्रवार को 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के संबंध में एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं लाभार्थी पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य किसानों और स्थानीय नागरिकों को सौर ऊर्जा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें इस योजना के आर्थिक लाभों से अवगत कराना था।

प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस शिविर की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वारासिवनी, श्री कार्तिकेय जायसवाल (आईएएस) ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागीय अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित रहे:

  • विभागीय अधिकारी: कार्यपालन अभियंता श्री बाबूलाल भैना, सहायक अभियंता श्री राहुल तुरकर और कनिष्ठ अभियंता श्री मनोज ठाकरे।

  • जनप्रतिनिधि: डोंगरमाली के सरपंच श्री मनोज लिल्हारे, बिठोड़ी के सरपंच श्री कैलाश नगपूरे और लावणी के सरपंच श्री चुन्नीलाल भुजाड़े।

  • अन्य: शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान, आम नागरिक और विभागीय कर्मचारी शामिल हुए।

योजना की विस्तृत जानकारी और लाभ

शिविर के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री बाबूलाल भैना ने उपस्थित हितग्राहियों को योजना के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा एक दीर्घकालिक निवेश है जो न केवल बिजली बिलों से राहत दिलाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • दीर्घकालिक लाभ: सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद हितग्राहियों को 25 से 30 वर्षों तक बिजली उत्पादन का लाभ मिलता रहेगा।

  • रखरखाव: पहले पांच वर्षों तक वेंडर द्वारा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के संयंत्र का आवश्यक मरम्मत और रखरखाव किया जाएगा।

  • आर्थिक रिकवरी: सोलर संयंत्र पर होने वाला खर्च लगभग तीन से चार वर्षों में ही वसूल हो जाता है, जिसके बाद उपभोक्ता को लगभग मुफ्त बिजली प्राप्त होती है।

  • शासकीय सब्सिडी: सरकार द्वारा संयंत्र की क्षमता के अनुसार भारी सब्सिडी दी जाती है:

    • 1 किलोवाट: 30,000 रुपये

    • 2 किलोवाट: 60,000 रुपये

    • 3 किलोवाट: 78,000 रुपये यह सब्सिडी स्थापना के लगभग एक माह के भीतर सीधे हितग्राही के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

जनसहयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता

अनुविभागीय अधिकारी श्री कार्तिकेय जायसवाल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने घरों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाएं। उन्होंने किसानों को बताया कि सोलर ऊर्जा कृषि कार्यों और घरेलू बिजली की खपत के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

कार्यपालन अभियंता श्री बाबूलाल भैना ने हितग्राहियों का विश्वास बढ़ाते हुए कहा कि योजना से जुड़ी किसी भी समस्या, जैसे बैंक ऋण प्राप्त करने या अधिकृत वेंडर के चयन में आने वाली किसी भी कठिनाई के लिए वे सीधे विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए उन्होंने अपना दूरभाष नंबर भी साझा किया, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

शिविर का परिणाम

इस जागरूकता शिविर में लगभग 60 लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों और आम नागरिकों ने योजना की बारीकियों को समझा और इसके लाभ लेने में गहरी रुचि दिखाई। कई हितग्राहियों ने मौके पर ही योजना के तहत पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। बालाघाट प्रशासन की यह पहल जिले के ग्रामीण अंचलों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और किसानों की आय में बचत करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

आगामी समय में ऐसे और भी शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठा सकें और सरकार के "आत्मनिर्भर ऊर्जा" के संकल्प को साकार किया जा सके।

Image Source: https://balaghat.mpinfo.org