बालाघाट जिले में निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज (ROB) और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बुधवार, 4 जून को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें रेलवे, सेतु निर्माण विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD) और यातायात विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में जिले के विभिन्न स्थानों पर चल रहे पुल निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों और ठेकेदारों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
भटेरा रोड ओवर ब्रिज: कार्य में लापरवाही पर जुर्माना
बैठक का मुख्य केंद्र भटेरा रोड ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य था। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि रेलवे द्वारा डायवर्सन मार्ग पर लेवल क्रॉसिंग का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है, जिसके कारण भटेरा मुख्य मार्ग से आवागमन बंद नहीं किया जा सका है।
-
विलंब के कारण: लेवल क्रॉसिंग का सिविल वर्क तो पूरा हो चुका है, लेकिन रेलवे के इलेक्ट्रीकल और सिग्नल संबंधी कार्य अभी भी लंबित हैं।
-
प्रशासनिक रुख: कलेक्टर ने रेलवे के इलेक्ट्रीकल विभाग को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है और इसे एक सप्ताह के भीतर पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
-
दंडात्मक कार्रवाई: निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी करने वाले ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भटेरा रोड पर जल निकासी के लिए बनी नालियों को ढकने और उन्हें आवागमन के लिए सुरक्षित बनाने का कार्य सौंपा गया है।
यातायात डायवर्सन की व्यवस्था
भटेरा रोड ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए यातायात को सुगम बनाने हेतु वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया है:
-
डायवर्सन मार्ग: बैहर रोड पर डॉ. शिशिर खरे के मकान के सामने से डायवर्सन मार्ग दिया गया है, जहाँ से केवल दोपहिया और हल्के चार पहिया वाहन ही गुजर सकेंगे।
-
भारी वाहनों का रूट: लामता-समनापुर की ओर से बालाघाट आने वाले बड़े वाहनों को कुम्हारी से धपेरा-मोहगांव या पाथरवाड़ा-जागपुर-आंवलाझरी मार्ग का उपयोग करना होगा।
-
बस स्टैंड: लामता-समनापुर की ओर से आने वाली बसों के लिए महर्षि स्कूल के सामने अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था की गई है।
सरेखा ओवर ब्रिज: सुरक्षा और अतिक्रमण पर सख्ती
सरेखा ओवर ब्रिज की समीक्षा के दौरान सुरक्षा और अतिक्रमण को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। ब्रिज के नीचे सर्विस रोड से पेट्रोल पंप के सामने से भारी वाहनों के गुजरने के कारण ब्रिज के गर्डर को नुकसान पहुँच रहा है।
-
हाईट बेरियर: सेतु निर्माण संभाग को सर्विस रोड पर भारी वाहनों को रोकने के लिए तुरंत 'हाईट बेरियर' लगाने के निर्देश दिए गए।
-
अतिक्रमण हटाना: मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे ब्रिज के नीचे लगने वाली अवैध दुकानों और ठेलों को तुरंत हटाएं और उनके पुनर्वास के लिए उचित स्थान सुनिश्चित करें।
गर्रा रोड ओवर ब्रिज और रात्रि सुरक्षा
बालाघाट-गर्रा-वारासिवनी रोड पर वैनगंगा नदी के पुल के समीप बन रहे ब्रिज का कार्य अपने अंतिम चरण में है।
-
अंतिम कार्य: ब्रिज के फुटपाथ पर टाइल्स लगाने का कार्य अगले दो दिनों में पूरा हो जाएगा।
-
निरीक्षण: कलेक्टर ने एसडीएम बालाघाट को निर्देश दिए हैं कि वे अधिकारियों के साथ दो दिन बाद स्वयं ब्रिज का निरीक्षण करें।
-
सुरक्षा मानक: सुरक्षा मापदंडों की जांच के बाद ही यातायात शुरू करने की तिथि तय की जाएगी। साथ ही, लोक निर्माण विभाग को ब्रिज पर रात के समय रोशनी की तत्काल व्यवस्था करने को कहा गया है ताकि दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
जागपुर घाट और शेरपार ब्रिज: मानसून पूर्व तैयारी
आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए प्रशासन ने गर्डर लॉन्चिंग के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है:
-
जागपुर घाट: यहाँ 36 गर्डर बनकर तैयार हो चुके हैं। कलेक्टर ने ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी है कि जून माह के अंत तक अनिवार्य रूप से गर्डर लॉन्चिंग पूरी कर ली जाए। यदि बारिश के कारण गर्डर क्षतिग्रस्त होते हैं, तो ठेकेदार पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर दर्ज कर उसकी मशीनें जब्त कर ली जाएंगी।
-
शेरपार ओवर ब्रिज: यहाँ गर्डर लॉन्चिंग का कार्य शेष है, जिसे जून माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
-
पूर्ण कार्य: बैठक में जानकारी दी गई कि वारासिवनी और अगासी में रोड ओवर ब्रिज का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और वहाँ यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।
प्रशासन की प्रतिबद्धता
बैठक में सेतु निर्माण विभाग के एसडीओ श्री अर्जुन सनोडिया, लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) के एसडीओ श्री दिलीप बोहरे, रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर श्री नीतिश सिंह, श्री मस्के, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री सूर्यप्रकाश उके और यातायात थाना प्रभारी सुश्री यीना रहांगडाले उपस्थित रहीं।
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन किया जाए ताकि जनता को आवागमन में कोई असुविधा न हो।
Image Source: https://balaghat.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)