बैतूल (घोड़ाडोंगरी): समाज को नशा मुक्त बनाने और शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग, भोपाल द्वारा बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी में एक वृहद जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बुधवार को जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय ग्रामीणों के बीच न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाई, बल्कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को एक नई दिशा भी दी।
नुक्कड़ नाटक: नशा मुक्ति का प्रभावी माध्यम
विभाग द्वारा गठित विशेष सांस्कृतिक दल ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से 'नशा मुक्त भारत अभियान' को जनता के सामने रखा। दल ने नुक्कड़ नाटक और गीत-संगीत के माध्यम से यह संदेश दिया कि नशा किस प्रकार एक व्यक्ति के जीवन, परिवार और समाज को खोखला कर देता है।
नाटक के विभिन्न पात्रों के माध्यम से नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक और आर्थिक बर्बादी को दर्शाया गया, जिसने उपस्थित ग्रामीणों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों ने "नशा न करें, नशा नाश की जड़ है" और "नशे से रहें दूर, जीवन जियें भरपूर" जैसे नारों के साथ दर्शकों में नई ऊर्जा का संचार किया।
संकल्प की गूंज: नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण वह था जब पूरे पंडाल में मौजूद ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने एक साथ मिलकर नशा न करने की शपथ ली। शपथ का उद्देश्य केवल औपचारिक नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त इस बुराई को जड़ से खत्म करने का सामूहिक संकल्प लेना था। दल के सदस्यों ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
विभाग का विजन: अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ
सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री नीतू सिंह नर्रे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा:
"हमारी प्रतिबद्धता है कि समाज को न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाया जाए। आयुक्त सामाजिक न्याय विभाग के निर्देशानुसार, हम नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से उन लोगों तक पहुँच रहे हैं, जहाँ तक सूचना के पारंपरिक माध्यम नहीं पहुँच पाते।"
श्री नर्रे ने आगे बताया कि यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा ताकि ग्रामीण अंचलों में सामाजिक चेतना का स्तर ऊँचा हो सके और लोग शासन की कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।
कलाकारों की सराहनीय भूमिका
इस जनजागरूकता अभियान को सफल बनाने में दल के कलाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। सांस्कृतिक दल में शामिल मुकेश तिवारी, वीरेंद्र कोरे, मूलचंद तिरैया, रंजना तिवारी, नवल किशोर मोहबे और दिनेश चौरासिया ने अपने अभिनय और संगीत के माध्यम से सामाजिक संदेशों को आमजन के हृदय तक पहुँचाया। उनके द्वारा प्रस्तुत प्रदर्शन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया, जिससे ग्रामीणजन घंटों तक कार्यक्रम से जुड़े रहे।
भविष्य की राह और जन-सहभागिता
घोड़ाडोंगरी में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सरकारी प्रयास और जन-भागीदारी एक साथ मिल जाएं, तो समाज में किसी भी बड़ी बुराई को दूर करना संभव है। आने वाले समय में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की योजना है। प्रशासन ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि वे नशे जैसी बुराइयों को समाज से दूर करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और अपने परिवार एवं समाज को एक सुरक्षित भविष्य दें।
यह आयोजन केवल एक सरकारी गतिविधि नहीं था, बल्कि यह एक स्वस्थ और समृद्ध बैतूल के निर्माण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में उपस्थित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
image source : https://betul.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)