बैतूल, 04 अप्रैल 2026।
बैतूल पुलिस ने एक बार फिर मानवता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसने खाकी के मानवीय चेहरे को और मजबूत किया है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में बैतूल पुलिस ने लगभग 8 माह से परिवार से बिछड़े 7 वर्षीय बालक ऋतिक राजावत को उसके परिजनों से सुरक्षित मिलवाकर एक मां की मुस्कान वापस लौटा दी।
इस भावुक और प्रेरक पहल की सबसे खास बात यह रही कि बालक ऋतिक को उसके जन्मदिन 04 अप्रैल 2026 के दिन ही परिवार से मिलवाया गया, जिससे यह दिन पूरे परिवार के लिए खुशियों और भावनाओं से भरा यादगार पल बन गया।
ट्रेन में मिला था बालक, शिशु गृह में हो रही थी देखरेख
जानकारी के अनुसार, बालक ऋतिक राजावत पूर्व में जीआरपी पुलिस को ट्रेन में अकेला मिला था। इसके बाद उसे नियमानुसार बाल कल्याण समिति बैतूल के सुपुर्द किया गया। समिति के निर्देश पर बालक को पिछले 8 महीनों से छाया शिशु गृह, बैतूल में संरक्षण और देखरेख के लिए रखा गया था।
मामले की पड़ताल में सामने आया कि बालक की माता रिया राजेंद्र राजावत, जो मूल रूप से इंदौर की निवासी हैं, पारिवारिक परिस्थितियों के चलते अपने बच्चों के साथ यात्रा कर रही थीं। इसी दौरान उनका पुत्र ऋतिक उनसे बिछड़ गया। बच्चे की तलाश करते-करते वे अपने अन्य बच्चों के साथ रायगढ़ पहुंच गईं, जहां स्थानीय बाल कल्याण समिति ने उन्हें आश्रय प्रदान किया।
SP के निर्देशन में पुलिस टीम ने संभाली जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने बालक को उसके परिवार से मिलाने की जिम्मेदारी गंभीरता से ली। उनके निर्देशानुसार बैतूल पुलिस की टीम ने सभी आवश्यक वैधानिक एवं दस्तावेजी प्रक्रियाएं पूरी कीं और बालक को बाल कल्याण समिति बैतूल से विधिवत सुपुर्द लेकर सैकड़ों किलोमीटर दूर उसके परिवार तक पहुंचाने की कार्रवाई की।
पुलिस टीम ने न केवल रायगढ़ पहुंचकर परिवार से संपर्क स्थापित किया, बल्कि बाद में बालक को पनवेल ले जाकर भी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूर्ण की और संबंधित बाल कल्याण समितियों एवं परिजनों के समक्ष विधिवत सुपुर्दगी सुनिश्चित की।
जन्मदिन पर मां-बेटे का मिलन बना भावुक क्षण
सबसे भावुक पल उस समय आया जब 04 अप्रैल 2026, यानी ऋतिक के जन्मदिन के दिन ही उसे उसकी मां और परिवार से मिलवाया गया। करीब 8 महीनों की जुदाई के बाद यह मिलन पूरे परिवार के लिए भावुक, अविस्मरणीय और खुशियों से भरा क्षण बन गया।
मां रिया राजेंद्र राजावत ने बैतूल पुलिस के इस संवेदनशील और मानवीय प्रयास के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपने बेटे को उसके जन्मदिन पर वापस परिवार के बीच पाकर उन्हें अपार खुशी हुई है। उन्होंने इस पूरे प्रयास को बेहद सराहनीय, संवेदनशील और भावुक बताया।
पुलिस अधीक्षक की आमजन से अपील
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने आमजन से अपील की कि यात्रा के दौरान अपने बच्चों पर विशेष ध्यान रखें और उन्हें अकेला न छोड़ें। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर कोई बालक या बालिका असहाय, भटकी हुई या संदिग्ध स्थिति में मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें।
उन्होंने यह भी कहा कि बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में समाज और पुलिस के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसे बच्चों को शीघ्र और सुरक्षित रूप से उनके परिवार से मिलाया जा सके। बैतूल पुलिस भविष्य में भी जनसेवा, सुरक्षा और मानवता के मूल्यों के साथ ऐसे कार्य करती रहेगी।
मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बनी बैतूल पुलिस
बैतूल पुलिस का यह सराहनीय कार्य केवल एक बच्चे को उसके परिवार तक पहुंचाने भर की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानवता, संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और पुलिस सेवा के मानवीय पक्ष का जीवंत उदाहरण है। इस पहल ने एक बार फिर यह साबित किया है कि खाकी केवल कानून व्यवस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर संवेदना और सहारे का भी नाम है।

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