छतरपुर (मध्य प्रदेश): जिले में गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। मंगलवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने जिले के गौरगांय और छतरपुर कृषि उपज मंडी स्थित उपार्जन केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि किसानों को केंद्र पर किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रशांत अग्रवाल, डीएसओ सीताराम कोठारे, डीएमओ, और नॉन (MP Civil Supplies Corporation) के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


 1. गौरगांय केंद्र: खराब मैकेनिज्म पर गिरी गाज

कलेक्टर ने गौरगांय उपार्जन केंद्र पर व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया, जहाँ कई गंभीर कमियां पाई गईं:

  • सर्वेयर की छुट्टी और वेतन वृद्धि पर रोक: गौरगांय में जब कलेक्टर ने सर्वेयर से गेहूं के एफएक्यू (FAQ) मानकों की जांच के बारे में पूछताछ की, तो पाया गया कि वहां मानकों के पालन का मैकेनिज्म पूरी तरह खराब है। इस पर गहरी अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने सर्वेयर को तत्काल हटाने और नया सर्वेयर नियुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही, समिति प्रबंधक की एक वेतन वृद्धि रोकने के भी आदेश जारी किए।

  • तौल कांटों की जांच: कलेक्टर ने मौके पर मौजूद तौल कांटों का स्वयं अवलोकन किया और गेहूं की बोरियों को अलग-अलग कांटों पर तुलवाकर देखा। एक कांटा खराब पाए जाने पर उसे तुरंत बदलकर दूसरा कांटा लगाने के निर्देश दिए।

  • पंजीयन का भौतिक सत्यापन: कलेक्टर ने केंद्र पर आए किसानों से सीधे चर्चा की। उन्होंने किसानों के पंजीयन, बुवाई और कटाई के रकबे का मिलान उनके द्वारा विक्रय के लिए लाए गए गेहूं की मात्रा से किया, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।


 2. कृषि उपज मंडी: तुलाई और परिवहन में तेजी के निर्देश

छतरपुर कृषि उपज मंडी स्थित विवेकानंद और गठेवरा समिति के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यप्रणाली में तेजी लाने के निर्देश दिए:

  • मजदूर और कांटे बढ़ाने के आदेश: किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों को निर्देश दिए कि लेबर (मजदूर) और तौल कांटों की संख्या बढ़ाई जाए। लक्ष्य यह होना चाहिए कि जो किसान गेहूं लेकर आया है, उसकी तुलाई उसी दिन सुनिश्चित हो सके।

  • खराब बारदाने पर कार्यवाही: विवेकानंद समिति पर निरीक्षण के दौरान कुछ बारदाने (Gunny Bags) खराब गुणवत्ता के पाए गए। कलेक्टर ने इन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए और पर्याप्त मात्रा में अच्छे बारदानों की उपलब्धता बनाए रखने को कहा।

  • पटवारी से जांच के निर्देश: मंडी में विक्रय के लिए आ रहे गेहूं की आवक को लेकर कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि पटवारी के माध्यम से इसकी सूक्ष्म जांच कराई जाए।


 3. खराब मौसम को लेकर विशेष अलर्ट

वर्तमान में मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को 'बैटल मोड' में काम करने को कहा:

  1. कवरिंग और सुरक्षा: बारिश की संभावना के दृष्टिगत, केंद्र पर रखे गेहूं को सुरक्षित ढंकने की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।

  2. परिवहन (Transport) में सख्ती: केंद्रों पर गेहूं का ढेर न लगे, इसके लिए कलेक्टर ने परिवहन के लिए लगाई गई गाड़ियों की जानकारी ली और खरीदे गए गेहूं को शीघ्र गोदामों तक पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए।

  3. अनलोडिंग व्यवस्था: उन्होंने कहा कि अनलोडिंग के समय लेबर की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।


 4. मुख्य बिंदु: कलेक्टर के कड़े निर्देश एक नजर में

  • त्वरित तुलाई: मजदूर और कांटे बढ़ाकर एक ही दिन में तुलाई कार्य पूर्ण करें।

  • गुणवत्ता मानक: गेहूं की खरीदी में एफएक्यू (FAQ) मानकों का कड़ाई से पालन हो।

  • सतत निगरानी: राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों को सभी उपार्जन केंद्रों का लगातार और सतत निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

  • मजदूरी की जानकारी: कलेक्टर ने किसानों से यह भी पूछा कि क्या हमाल समिति द्वारा उनसे कोई अवैध वसूली तो नहीं की जा रही है और सुविधाओं की उपलब्धता का फीडबैक लिया।


 5. निष्कर्ष

कलेक्टर पार्थ जैसवाल की इस कार्यवाही से पूरे जिले के उपार्जन केंद्रों पर हड़कंप है। सर्वेयर को हटाने और समिति प्रबंधक पर कार्यवाही के निर्देश यह दर्शाते हैं कि प्रशासन किसानों के हित और सरकारी मानकों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। जिले में बारदाने की उपलब्धता और गेहूं के समय पर उठाव को लेकर अब अधिकारी अधिक सक्रिय नजर आ रहे हैं।


प्रशासनिक उपस्थिति:

  • पार्थ जैसवाल (कलेक्टर, छतरपुर)

  • प्रशांत अग्रवाल (एसडीएम)

  • सीताराम कोठारे (डीएसओ)

  • जिला विपणन अधिकारी (DMO) एवं अन्य विभागीय अमला।

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