आमला। बढ़ते पर्यावरणीय संकट और लगातार बिगड़ते प्राकृतिक संतुलन के बीच सार्थक सृजन संस्था द्वारा एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल करते हुए शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को स्थानीय आमला-खानापुर रोड पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाना था।

संस्था के सदस्यों ने पौधरोपण के दौरान यह संकल्प लिया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे और उन्हें पूर्ण रूप से विकसित होने तक संरक्षित रखेंगे। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई और उपस्थित लोगों को इसके प्रति जागरूक किया गया।

पौधरोपण कार्यक्रम के पश्चात सार्थक सृजन के सदस्य शासकीय अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों को फल वितरित किए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस सेवा कार्य के माध्यम से संस्था ने यह संदेश दिया कि समाजसेवा और मानवता के प्रति संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है जितनी प्रकृति की रक्षा।

इस अवसर पर संस्था के सदस्य सर्वश्री चंद्रशेखर सोनी, मनोज विश्वकर्मा, भोला वर्मा, जयंत सोनी, किशोर गुगनानी, अनिल सोनी पटेल एवं यशवंत चढोकार ने संयुक्त रूप से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सार्थक सृजन का मूल उद्देश्य प्रकृति संरक्षण के उन सभी प्रयासों को बढ़ावा देना है, जिनसे न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहे बल्कि समस्त जीव-जगत, मानव समाज और प्राकृतिक संसाधनों—जल, जंगल और जमीन—का संतुलन भी बना रहे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पृथ्वी पर तेजी से बढ़ता तापमान, असामान्य और अनिश्चित मौसम चक्र, निरंतर गिरता भू-जल स्तर और विकास के नाम पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई, आने वाले बड़े संकट की चेतावनी हैं। यदि समय रहते इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में इसके परिणाम अत्यंत भयावह हो सकते हैं।

सदस्यों ने यह भी बताया कि इन परिस्थितियों के पीछे मानव की असीमित इच्छाएं, बढ़ती उपभोक्तावादी प्रवृत्ति, प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और कई बार नीतिगत कमजोरियां भी प्रमुख कारण हैं। इसलिए अब आवश्यक हो गया है कि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझे और प्रकृति संरक्षण के लिए व्यक्तिगत स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाए।

सार्थक सृजन संस्था ने सभी सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं, बुद्धिजीवी वर्ग और आम नागरिकों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा कि वे अधिक से अधिक पौधरोपण करें, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें, पहले से मौजूद पेड़ों को बचाएं और किसी भी प्रकार की अवैध कटाई का विरोध करें।

संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल एक दिन पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें संरक्षित कर बड़ा करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है। नगर की हरियाली को बढ़ाना और उसे बनाए रखना आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

इस आयोजन में संस्था के सदस्यों के साथ-साथ आमला नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।