मैहर जिले में प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान और राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की दिशा में अत्यंत सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में, राजस्व विभाग द्वारा आगामी 22 जून 2026 को एक विशेष समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया है। यह बैठक मैहर जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में राजस्व विभाग के जमीनी स्तर के कर्मचारियों से लेकर तहसील स्तर तक के अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस बैठक के माध्यम से न केवल लंबित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी, बल्कि आने वाले समय के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

बैठक में मैहर जिले के अधिकारियों की भागीदारी

प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व विभाग की कार्यकुशलता को परखने के लिए बुलाई गई इस बैठक में निम्नलिखित अधिकारी भाग लेंगे:

  • सभी पटवारी: राजस्व विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी, जो मैदानी स्तर पर काम करते हैं।

  • राजस्व निरीक्षक (RI): राजस्व रिकॉर्ड के सत्यापन में इनकी भूमिका अहम होती है।

  • नायब तहसीलदार: तहसील स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक कार्यों के लिए जिम्मेदार।

  • एएसएलआर/एसएलआर (ASLR/SLR): राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव और अद्यतन करने के लिए जिम्मेदार तकनीकी अधिकारी।

  • तहसीलदार: प्रत्येक तहसील के प्रशासनिक प्रमुख।

इन सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के राजस्व संबंधी लंबित प्रकरणों और अद्यतन जानकारी के साथ बैठक में आने को कहा गया है, ताकि किसी भी समस्या का निराकरण उसी समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

मैहर जिले की तहसीलों हेतु निर्धारित समीक्षा कार्यक्रम

मैहर जिले के अंतर्गत आने वाली प्रमुख तहसीलों के लिए समय का एक व्यवस्थित खाका तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम इस प्रकार है:

तहसील का नाम समीक्षा का समय
रामनगर तहसील दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक
अमरपाटन तहसील दोपहर 3:30 बजे से 4:30 बजे तक
मैहर तहसील सायं 4:30 बजे से 5:30 बजे तक

समयबद्ध तरीके से की जा रही इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक तहसील की विशेष समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की जा सके। यह कवायद यह सुनिश्चित करने के लिए है कि आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्रशासन की प्रतिबद्धता और मैहर का विकास

राजस्व प्रशासन में सुधार का सीधा असर जिले के किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों पर पड़ता है। अक्सर यह देखा गया है कि जमीन के सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे जैसे मामलों में देरी होने के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मैहर जिले के प्रशासन द्वारा बुलाई गई यह समीक्षा बैठक इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि अधिकारी अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर आएं। यदि किसी मामले में कोई तकनीकी अड़चन है, तो उसे मौके पर ही दूर करने का प्रयास किया जाएगा। 22 जून की यह बैठक जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिसमें वे सुशासन (Good Governance) को प्राथमिकता दे रहे हैं।

भविष्य की राह: राजस्व विभाग का डिजिटलीकरण

मैहर जिले के राजस्व विभाग के अधिकारी इस बैठक में डिजिटल रिकॉर्ड्स की अद्यतन स्थिति पर भी चर्चा करेंगे। सरकार के निर्देशानुसार, राजस्व रिकॉर्ड को पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। एएसएलआर और एसएलआर अधिकारियों की उपस्थिति का मुख्य कारण यही है कि वे डिजिटल रिकॉर्ड्स के अद्यतन में आ रही तकनीकी समस्याओं का तुरंत हल निकाल सकें।

यह बैठक केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जिले में राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक माध्यम है। प्रशासन यह चाहता है कि मैहर जिला, प्रदेश में राजस्व सेवाओं के त्वरित निराकरण में अग्रणी बनकर उभरे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता की शिकायतों को प्राथमिकता दें और कानून के दायरे में रहते हुए उनका समाधान निकालें।

संक्षेप में, मैहर जिले का प्रशासन अपने राजस्व तंत्र को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पूरी तरह गंभीर है। 22 जून की बैठक से जिले में राजस्व संबंधी लंबित मामलों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है, जिससे सीधे तौर पर नागरिकों को लाभ मिलेगा।

image source : https://maihar.mpinfo.org