पन्ना जिला प्रशासन ने नगर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक महाराज सागर तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया है। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप, पिछले 25 दिनों से तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का कार्य निरंतर जारी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य तालाब को न केवल स्वच्छ जलस्रोत के रूप में बहाल करना है, बल्कि इसे शहर के नागरिकों के लिए उपयोगी बनाकर पर्यटन की दृष्टि से भी एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
जनसहयोग और सरकारी विभागों की भागीदारी
महाराज सागर तालाब को नया स्वरूप देने के कार्य में जनसहयोग और सरकारी तंत्र का अद्भुत समन्वय देखने को मिल रहा है:
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श्रमदान का प्रभाव: तालाब की साफ-सफाई और जीर्णोद्धार कार्यों में स्थानीय नागरिक बढ़-चढ़कर अपना योगदान दे रहे हैं और किए जा रहे कार्यों की सराहना भी कर रहे हैं।
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शासकीय विभागों का योगदान: पिछले 25 दिनों से विभिन्न शासकीय विभागों के लोकसेवक तालाब परिसर में श्रमदान कर अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा रहे हैं।
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अभियान की पृष्ठभूमि: गत मई माह में गंगा दशहरा पर्व के दौरान जनप्रतिनिधियों ने 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत इस तालाब को गोद लेने की इच्छा व्यक्त की थी।
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व्यवस्थित कार्ययोजना: जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभागवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है और सभी विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने का दायित्व सौंपा है।
कलेक्टर का नियमित निरीक्षण और भविष्य की योजनाएं
पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर हैं और स्वयं इसकी निगरानी कर रही हैं:
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नियमित समीक्षा: कलेक्टर द्वारा प्रतिदिन तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्यों का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया जा रहा है।
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निर्देश: गुरुवार को भी स्थल का दौरा कर उन्होंने अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और शेष बचे कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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वृक्षारोपण का संकल्प: महाराज सागर तालाब परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए आगामी दिनों में यहाँ वृहद स्तर पर पौधरोपण करने की योजना बनाई गई है।
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जनता से आह्वान: जिला प्रशासन ने पन्ना के नागरिकों से इस पुनीत कार्य में आगे आकर सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
महाराज सागर तालाब का यह जीर्णोद्धार अभियान पन्ना शहर के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। जनभागीदारी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति के मेल से यह तालाब न केवल अपना प्राचीन वैभव पुनः प्राप्त करेगा, बल्कि शहर के गौरव के रूप में भी स्थापित होगा।
image source : https://panna.mpinfo.org
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