आमला। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के उद्देश्य से स्थानीय तहसील परिसर में अधिवक्ता संघ आमला द्वारा हरियाली महोत्सव का शुभारंभ वट (बड़) के पौधे का रोपण कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रिचा कौरव ने पौधारोपण करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और अधिवक्ता संघ आमला जिस समर्पण के साथ तहसील परिसर को हराभरा बनाने का कार्य कर रहा है, वह निश्चित रूप से अनुकरणीय है।

उन्होंने कहा कि वट वृक्ष भारतीय संस्कृति में अक्षय, दीर्घायु और जीवनदायी वृक्ष माना जाता है। ऐसे पौधों का रोपण केवल पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

अधिवक्ता संघ के उपाध्यक्ष रविशंकर पटवारी एवं सहसचिव चिरौजी सोलंकी ने बताया कि संघ द्वारा पूरे तहसील परिसर में बड़ी संख्या में छायादार एवं फलदार पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण, नियमित सिंचाई और देखभाल की पूरी जिम्मेदारी भी अधिवक्ता संघ निभाएगा, ताकि प्रत्येक पौधा एक विशाल वृक्ष का रूप ले सके। साथ ही आमला नगर के अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी हरियाली महोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने प्रशासन एवं नगर पालिका परिषद से अपील करते हुए कहा कि पौधारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए नगर पालिका द्वारा ट्री-गार्ड उपलब्ध कराए जाएं तथा प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से तहसील परिसर को एक आदर्श हरित परिसर के रूप में विकसित किया जाए।

कार्यक्रम में अधिवक्ता मोहम्मद शफी खान, महेश सोनी, दिनेश सोनी, सतीश देशमुख, रविंद्र देशमुख, कुंवरलाल पाल, दिनेश बेडरे, महेंद्र खातरकर, विक्रम बेले सहित बड़ी संख्या में अधिवक्तागण उपस्थित रहे। सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।