कटनी: जिला प्रशासन, कटनी ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनिक कदम उठाए हैं। इसी क्रम में, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने 29 जून को आयोजित 'समय-सीमा' (TL) बैठक में बिना किसी पूर्व अनुमति या सूचना के अनुपस्थित रहने पर शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, कटनी के प्राचार्य श्री नरेंद्र वरखेडकर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। प्रशासन ने इस मामले को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर उदासीनता माना है।
बैठक का महत्व और प्रशासन की प्राथमिकता
कटनी जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सप्ताह आयोजित की जाने वाली 'समय-सीमा' बैठक प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा का आधार स्तंभ है। इस बैठक का महत्व बताते हुए जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि इसमें शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (CM Helpline) के लंबित प्रकरणों का निराकरण, समय-सीमा (TL) के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण कार्यों और विभागीय लक्ष्यों की समीक्षा की जाती है। इन बैठकों की महत्ता को देखते हुए सभी विभागाध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है ताकि शासन के निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
लापरवाही और नियमों का उल्लंघन
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 29 जून 2026 को आयोजित बैठक में प्राचार्य श्री वरखेडकर का बिना अनुमति अनुपस्थित रहना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की सीधे तौर पर अवहेलना है। प्रशासन ने इसे शासन के कार्यों के प्रति गंभीरता का अभाव बताया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह आचरण 'मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965' के नियम-3 के प्रावधानों का उल्लंघन है, जो लोक सेवकों से अनुशासन और निष्ठा की अपेक्षा करता है।
सात दिवस में मांगा स्पष्टीकरण
इस अनुशासनात्मक प्रक्रिया के अंतर्गत कलेक्टर ने प्राचार्य श्री नरेंद्र वरखेडकर को सात दिवस के भीतर अपना स्पष्ट और संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होता है अथवा प्रस्तुत किया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो प्राचार्य के विरुद्ध नियमानुसार एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अन्य अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश
यह कार्रवाई केवल एक विशेष मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के समस्त अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि:
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समयबद्धता: शासन की समीक्षा बैठकों में समय पर उपस्थित होना प्रत्येक अधिकारी का अनिवार्य कर्तव्य है।
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जवाबदेही: जनहित से जुड़े मामलों और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नियमित मॉनिटरिंग: कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और प्रशासन के प्रति जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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अनुशासनहीनता: किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता या सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने पर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कटनी जिला प्रशासन के इस रुख से सरकारी तंत्र में हड़कंप है और उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में अधिकारी विभागीय बैठकों और शासन की योजनाओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी रहेंगे।
image source : https://katni.mpinfo.org
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