कटनी जिले में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत जिलेभर में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक एक निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार कलश-रथ यात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के समरसता, सामाजिक सद्भाव और समानता के महान संदेश को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस यात्रा के सफल संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं के सुचारू निर्वहन के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दायित्व सौंपे हैं।
यात्रा में सहभागिता और उद्देश्य
इस व्यापक समरसता संकल्प यात्रा में क्षेत्र के विशिष्ट संतगण, माननीय मंत्रीगण, सांसद, विधायक, नगरीय एवं ग्रामीण निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद, विभिन्न सदस्य, अन्य जनप्रतिनिधि, यात्रा दल के सदस्य तथा भारी संख्या में आमजन अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यात्रा के माध्यम से सामाजिक समरसता और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक प्रसारित करने की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे समाज में एकजुटता और सद्भाव को बढ़ावा मिल सके।
प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई प्रमुख जिम्मेदारियां
यात्रा के सुचारू संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निम्नलिखित अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:
-
जिला स्तरीय नोडल अधिकारी: जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर को संपूर्ण यात्रा के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
-
शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था: यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था, शांति और सुरक्षा बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव विश्वकर्मा को सौंपी गई है।
-
सहायक एवं अनुभाग स्तरीय अधिकारी: जिला संयोजक, अनुसूचित जाति एवं जनजातीय कार्य विभाग को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही कटनी, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद और ढीमरखेड़ा के एसडीएम को अपने-अपने अनुभागों के लिए अनुभाग स्तरीय नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
-
विकासखंड एवं रथ संचालन: सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। कलश व रथ यात्रा के सफल संचालन की संयुक्त जिम्मेदारी समस्त जनपद पंचायत सीईओ तथा विकासखण्ड समन्वयक जन अभियान परिषद को दी गई है।
-
भोजन एवं कोर ग्रुप व्यवस्था: यात्रा दल में शामिल नेतृत्वकर्ताओं, संतों, समन्वयकों और कोर ग्रुप के सदस्यों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का जिम्मा जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, समस्त जनपद पंचायत सीईओ और जिला योजना अधिकारी को सौंपा गया है।
-
प्रचार-प्रसार एवं भजन संध्या: नगर पालिक निगम, सभी नगर पालिका अधिकारियों और जनपद पंचायतों के सीईओ को यह दायित्व दिया गया है कि वे जन संवाद स्थल का चयन करें, रूट चार्ट के अनुसार गांवों में पहुंचने से पूर्व स्थानीय कला मंडलों के माध्यम से संत रविदास के भजनों पर आधारित भजन संध्या का आयोजन कराएं और यात्रा पहुंचने के दो दिन पूर्व से मुनादी व प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें।
-
शैक्षणिक प्रतियोगिताएं: जिला शिक्षा अधिकारी और तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में संत रविदास के जीवन पर आधारित चित्रकला, निबंध, भाषण और गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाएं। साथ ही, विजेताओं को प्रमाण पत्र प्रदान करने और शैक्षणिक संस्थानों में ऑडियो-विजुअल सामग्री का प्रदर्शन सुनिश्चित कर प्रतिवेदन जिला संयोजक को सौंपें।
-
कंट्रोल रूम एवं चिकित्सा व्यवस्था: लोक सेवा प्रबंधन विभाग तथा जिला समन्वयक जन अभियान परिषद को कंट्रोल रूम स्थापित कर समन्वय बनाने का कार्य सौंपा गया है, जबकि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा यात्रा मार्ग पर एम्बुलेंस के साथ एक समर्पित चिकित्सा दल की व्यवस्था की जाएगी।
-
महिला सहभागिता: जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) और जिला समन्वयक जन अभियान परिषद को यात्रा मार्ग पर महिलाओं की कलश यात्रा आयोजित कराने तथा संवाद स्थलों पर महिलाओं एवं स्व-सहायता समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
image source : https://katni.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)