आमला। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती एक बार फिर देखने को मिली, जब ग्राम खारी (मोरखा) में होने जा रहा बाल विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। यह कार्रवाई एसडीएम श्री शैलेंद्र बड़ोनिया के निर्देशन में की गई, जिसमें राजस्व और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर त्वरित हस्तक्षेप किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खारी निवासी श्री राम डांगे अपनी पुत्री प्रतिज्ञा का विवाह कर रहे थे। सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम तत्काल गांव पहुंची और मौके पर उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 11 अप्रैल 2008 दर्ज पाई गई, जबकि आंगनवाड़ी के टीकाकरण एवं सर्वे पंजी में जन्मतिथि 11 अप्रैल 2011 अंकित मिली। इस विरोधाभास के चलते बालिगता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

ऐसी परिस्थिति में प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए विवाह रोकने का निर्णय लिया। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने परिजनों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, दुष्परिणामों और इसके सामाजिक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समझाइश के बाद पिता श्री राम डांगे ने सहर्ष विवाह स्थगित करने की सहमति दी और यह आश्वासन दिया कि पुत्री के 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह संपन्न किया जाएगा।

पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर पंचनामा तैयार किया गया, जिसे उपस्थित पंचगण, पटवारी, आरआई, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाया गया और सभी के हस्ताक्षर लिए गए।

*कार्रवाई में शामिल टीम:*

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में परियोजना अधिकारी निर्मल सिंह ठाकुर, तहसीलदार श्रीमती ऋचा कौरव, पर्यवेक्षक श्रीमती देवा बेले, राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।