मैहर: विकसित मध्य प्रदेश 2047 के संकल्प को साकार करने और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से मैहर जिले की प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया गया है। बुधवार, 15 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने विभागवार विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसेवा के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टि का स्तर हो 55% से अधिक
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती मुखर्जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभाग के संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत हर हाल में 55 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन विभागों का वेटेज 55 प्रतिशत से कम रहेगा, उन अधिकारियों को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाए। प्रशासन का ध्येय है कि नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण न केवल कागजों पर हो, बल्कि जमीनी स्तर पर वे संतुष्ट भी हों।
विजन डॉक्यूमेंट और फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति पर जोर
कलेक्टर ने 'विकसित मध्य प्रदेश 2047' के अंतर्गत मैहर जिले की दोनों विधानसभाओं के लिए विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह डॉक्यूमेंट 20 जुलाई तक हर हाल में प्रस्तुत कर दिया जाए। इसके निर्माण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी परामर्श लेने को कहा गया है ताकि विकास योजनाएं व्यवहारिक और जनोपयोगी बन सकें।
इसके अतिरिक्त, फार्मर रजिस्ट्री के कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने असंतोष जाहिर किया। जिले में साप्ताहिक प्रगति मात्र 1.9 प्रतिशत रहने पर उन्होंने तीनों एसडीएम को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में रुचि न लेने वाले पटवारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए और एसडीएम नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें।
निर्माण कार्यों और डीएमएफ मद की समीक्षा
जिले में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया कि डीएमएफ (District Mineral Foundation) मद से अब तक लगभग 6 करोड़ 91 लाख 93 हजार रुपये की लागत से 76 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 2 करोड़ 7 लाख रुपये की प्रथम किस्त एजेंसियों को जारी की जा चुकी है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि:
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कार्यों की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए।
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लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र पूरा कर उनका लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए।
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दिसंबर 2026 तक होने वाले संभावित निर्माण कार्यों की सूची तुरंत सौंपें, ताकि भूमिपूजन एवं लोकार्पण की योजना बन सके।
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सभी विभाग अपने जर्जर और जीर्ण-शीर्ण भवनों के डिसमेंटल की प्रक्रिया शुरू करें।
स्वास्थ्य, आंगनवाड़ी और जन-सुविधाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण पर भी चर्चा हुई। समीक्षा के दौरान अमरपाटन के बीएमओ और राष्ट्रीय राजमार्ग/एमपीआरडीसी के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आंगनवाड़ी केंद्रों के संबंध में जानकारी दी गई कि जिले में स्वीकृत 34 केंद्रों में से 16 पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 17 पर काम जारी है।
साफ-सफाई और स्वच्छता अभियान
नगरीय निकाय संस्थाओं को कचरा वाहनों के माध्यम से प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि शहर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए और 'फ्री प्लास्टिक कैंपेन' के तहत गीत और नारों के माध्यम से नागरिकों को जागरूक किया जाए।
इस बैठक में अपर कलेक्टर संजना जैन, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम एसपी मिश्रा, डॉ. आरती सिंह, डिप्टी कलेक्टर आशिमा पटेल सहित कृषि, विद्युत, पीएचई और आरईएस के वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
Image Source: https://maihar.mpinfo.org
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