पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नवाचारों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा किसानों को नवीन फल एवं सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बुधवार, 15 जुलाई 2026 को पन्ना जिले की कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमराव सिंह मरावी ने विकासखंड पन्ना के ग्राम बड़गड़ीखुर्द का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कृषक हर्षवर्धन सिंह के खेतों में की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का बारीकी से अवलोकन किया।

27 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट: जैविक खेती का एक सफल मॉडल

ग्राम बड़गड़ीखुर्द में लगभग 27 एकड़ के विशाल क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती की जा रही है। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आधुनिक ड्रिप मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और पूरी तरह से जैविक पद्धति को अपनाया गया है। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने मौके पर पहुंचकर फसल की गुणवत्ता देखी और इस अनूठे नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन सकते हैं।

तकनीकी जानकारी और बाजार की संभावनाओं पर चर्चा

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने फसल उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, इसमें उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीक और सिंचाई प्रबंधन की जानकारी ली। कलेक्टर श्रीमती परमार ने किसान हर्षवर्धन सिंह से चर्चा करते हुए मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

  • कृषि लागत और शुद्ध मुनाफा: कम लागत में अधिक उत्पादकता कैसे सुनिश्चित की जाए, इस पर विस्तार से चर्चा हुई।

  • विपणन व्यवस्था (Marketing): उत्पादित ड्रैगन फ्रूट की स्थानीय और बाहरी मंडियों में मांग व विक्रय की स्थिति की समीक्षा की गई।

  • तकनीकी प्रशिक्षण: फसल को कीटों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए नवीनतम कृषि तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया।

किसानों के लिए प्रेरणा और प्रशासनिक मार्गदर्शन

कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने उपस्थित स्थानीय लोगों और अन्य कृषकों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती से हटकर यदि किसान ड्रैगन फ्रूट जैसी नकदी फसलों की ओर रुख करेंगे, तो उनकी आर्थिक स्थिति में निश्चित रूप से बड़ा बदलाव आएगा। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे ऐसे सफल किसानों की मदद से अन्य ग्रामीणों को भी इस दिशा में प्रशिक्षण प्रदान करें।

विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति

इस दौरे के दौरान उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने तकनीकी सहायता और सरकारी योजनाओं के माध्यम से सहयोग का भरोसा दिलाया। इनमें सहायक संचालक उद्यान श्री प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, शासकीय उद्यान रोपणी जनकपुर के उद्यान अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह, और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी श्रीमती निधि बागरी प्रमुख रूप से मौजूद थीं।

पन्ना जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती का यह प्रयास बागवानी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उन्नत तकनीक के मेल से पन्ना जिले के किसान न केवल अपनी आय को बढ़ा सकते हैं, बल्कि क्षेत्र को एक नया कृषि-केंद्र (Agri-hub) भी बना सकते हैं।

Image Source: https://panna.mpinfo.org