नर्मदापुरम जिले में 'जनसुनवाई' का तंत्र अब सुशासन की एक नई मिसाल बन चुका है। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के नेतृत्व में जनसुनवाई केवल समस्याओं को सुनने का मंच नहीं, बल्कि उनके त्वरित निराकरण का एक सशक्त माध्यम बन गई है। कलेक्टर द्वारा शिकायतों का विस्तृत विश्लेषण, समयबद्ध कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश और निरंतर मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप आम नागरिकों के कार्यों में गति आई है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण सिवनी मालवा विकासखंड के ग्राम भिलाड़िया कला में देखने को मिला, जहाँ प्रशासन की सक्रियता ने ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या को महज एक माह के भीतर हल कर दिया।

क्या थी ग्रामीणों की समस्या?

भिलाड़िया कला के निवासी श्री प्रद्युम्न यादव ने जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के समक्ष अपनी व्यथा रखी थी। उन्होंने बताया कि मुख्य मार्ग से लगभग 150 मीटर भीतर जाने वाले रास्ते पर सीसी रोड (सीमेंट कंक्रीट सड़क) का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण बारिश और सामान्य दिनों में भी ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों की इस समस्या को सुनते ही कलेक्टर ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया।

प्रशासन की त्वरित और समन्वित कार्यवाही

कलेक्टर श्री मिश्रा ने इस शिकायत को तुरंत संज्ञान में लेते हुए सिवनी मालवा के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। इसके बाद घटनाक्रम इस प्रकार रहा:

  • सक्रियता: अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री विजय राय ने निर्देश मिलते ही स्थानीय अमले को सक्रिय किया।

  • स्थल निरीक्षण: अधिकारियों ने मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया।

  • समन्वय: अनुविभागीय अधिकारी ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव के साथ समन्वय स्थापित किया।

  • निर्माण कार्य: प्रशासन की सतत निगरानी के चलते पंचायत ने सीसी रोड के निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर लिया।

सकारात्मक परिणाम: एक माह में समस्या का समाधान

प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग का ही नतीजा रहा कि भिलाड़िया कला में सीसी रोड का निर्माण कार्य मात्र एक माह के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। अब ग्रामीणों को मुख्य मार्ग से अपने घरों तक आने-जाने में कोई बाधा नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही के लिए कलेक्टर और स्थानीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

सुशासन का प्रभावी माध्यम बनी जनसुनवाई

नर्मदापुरम जिले में जनसुनवाई व्यवस्था की सफलता का मुख्य श्रेय कलेक्टर सोमेश मिश्रा की कार्यप्रणाली को जाता है। वे न केवल समस्याओं को सुनते हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करते हैं कि उसका निराकरण कब तक और कैसे होगा। इस व्यवस्था की विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  1. विश्लेषण: हर शिकायत का गहन विश्लेषण कर उसे संबंधित विभाग को सौंपा जाता है।

  2. समयबद्धता: अधिकारियों को कार्य पूरा करने के लिए निश्चित समय-सीमा दी जाती है।

  3. मॉनिटरिंग: कार्यों की प्रगति पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार नजर रखी जाती है।

  4. जनविश्वास: जनसुनवाई के सफल निराकरणों ने नागरिकों का प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत किया है।

भिलाड़िया कला की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसहयोग का मेल हो, तो छोटी-बड़ी समस्याओं का समाधान बहुत सरलता से संभव है। यह आयोजन नर्मदापुरम के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जहाँ नागरिक अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई के मंच पर भरोसा जता रहे हैं।

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