मैहर जिले में जन स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी के स्पष्ट निर्देशों के अनुपालन में, विभाग द्वारा जिले भर में पेयजल स्त्रोतों के जर्मेक्स (कीटाणुनाशक) एवं क्लोरीनेशन का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। मानसून के दौरान दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों के खतरे को देखते हुए यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अभियान की प्रमुख गतिविधियाँ

पीएचई विभाग द्वारा जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, अभियान के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है:

  • नियमित क्लोरीनेशन: जिले के समस्त हैंडपंपों, नलकूपों, सार्वजनिक जल टंकियों और पाइपलाइन नेटवर्क में नियमित रूप से क्लोरीन का उपयोग किया जा रहा है ताकि पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को समाप्त किया जा सके।

  • जर्मेक्स का उपयोग: जल स्त्रोतों की स्वच्छता और कीटाणुशोधन के लिए जर्मेक्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे पेयजल को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।

  • क्षेत्रीय निरीक्षण: लोक स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें अलग-अलग ग्रामों और वार्डों का दौरा कर रही हैं। इन टीमों द्वारा जल स्त्रोतों का भौतिक निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उपचारात्मक कार्यवाही की जा रही है।

नागरिकों की जागरूकता और स्वास्थ्य सुरक्षा

अधिकारियों का कहना है कि विभाग का उद्देश्य न केवल जल स्त्रोतों को शुद्ध करना है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक करना है। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों और शहरवासियों को यह बताया जा रहा है कि पेयजल का सुरक्षित भंडारण कैसे किया जाए और स्वच्छ पानी के उपयोग के क्या लाभ हैं। शुद्ध पेयजल का उपयोग ही जलजनित रोगों जैसे हैजा, डायरिया और टाइफाइड से बचाव का सबसे प्रभावी साधन है।

जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता

वर्षा ऋतु में जल जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है, जिसे ध्यान में रखते हुए मैहर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पीएचई विभाग की यह निरंतर सक्रियता इस बात को सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक नागरिक को घर तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल प्राप्त हो। प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि पेयजल की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।

मैहर जिले की जनता को सलाह दी गई है कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र के किसी जल स्त्रोत की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो वे तत्काल स्थानीय पीएचई कार्यालय या संबंधित अधिकारी को सूचित करें ताकि त्वरित कार्यवाही की जा सके। यह सामूहिक प्रयास ही जिले को एक स्वस्थ और सुरक्षित परिवेश प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।

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