नीमच। राज्य शासन की मंशानुरूप और जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नीमच जिला प्रशासन लगातार सक्रिय मोड में नज़र आ रहा है। शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने और सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरंतर जमीनी स्तर पर जाकर सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस विशेष अभियान के तहत नीमच जिले के विकासखंड जावद की सिंगोली तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम किशनपुरा में स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का प्रशासनिक अमले द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस सघन निरीक्षण का नेतृत्व नीमच जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्री अमन वैष्णव और जिले के अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश ने संयुक्त रूप से किया।

इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल विद्यालय की भौतिक उपस्थिति दर्ज करना नहीं था, बल्कि विद्यालय परिसर में संचालित होने वाली समग्र शैक्षणिक गतिविधियों, छात्र-छात्राओं की वास्तविक सीखने की क्षमता (लर्निंग आउटकम) और शिक्षकों द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षण व्यवस्था का बहुत ही बारीकी से जायजा लेना था। प्रशासन का यह कदम यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सके और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जमीनी स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुँच सके।

यहाँ इस महत्वपूर्ण निरीक्षण से जुड़े प्रमुख बिंदु विस्तार से प्रस्तुत किए गए हैं:

  • बोर्ड पर प्रश्न हल करवाकर परखी गई विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता: अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी केवल कागजी रिकॉर्ड और रजिस्टरों की जांच तक सीमित रहते हैं, लेकिन ग्राम किशनपुरा के इस विद्यालय में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने एक अलग और अत्यंत प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाई। विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था की वास्तविक जमीनी हकीकत जानने के लिए सीईओ श्री वैष्णव ने सीधे विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों की विषयगत समझ और उनकी शैक्षणिक दक्षता (एकेडमिक प्रोफिशिएंसी) का सटीक आकलन करने के लिए स्वयं एक शिक्षक की भूमिका निभाई। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ब्लैकबोर्ड के पास बुलाया और उनसे उनके पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न विषयों के प्रश्न बोर्ड पर हल करवाए। प्रशासन का यह कदम इस बात को स्पष्ट करता है कि केवल रटंत विद्या पर ध्यान न देकर बच्चों की वास्तविक वैचारिक और विषयगत समझ को जांचने पर प्रशासन का विशेष जोर है। बोर्ड पर प्रश्न हल करवाने की इस प्रक्रिया से अधिकारियों को यह समझने में मदद मिली कि बच्चों का बौद्धिक विकास उनके निर्धारित कक्षा के स्तर के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

  • प्राथमिक विद्यालय में निराशाजनक प्रदर्शन और प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस: निरीक्षण की इस पारदर्शी और सख्त प्रक्रिया के दौरान जब शासकीय प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के शैक्षणिक स्तर का परीक्षण किया गया, तो वहां की स्थिति अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गई। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता और उनकी विषयगत समझ अपेक्षानुरूप बिल्कुल नहीं पाई गई। बच्चों का अकादमिक स्तर उनके पाठ्यक्रम और कक्षा के मानकों से काफी नीचे था। इस गंभीर लापरवाही और शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया। उन्होंने शिक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त न करते हुए तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा की इस बदहाली के लिए सीधे तौर पर विद्यालय के प्रबंधन को जिम्मेदार मानते हुए सीईओ ने संबंधित प्रधानाध्यापक को तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी करने के सख्त निर्देश दिए। प्रशासन की यह त्वरित और दंडात्मक कार्यवाही पूरे शिक्षा विभाग के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि कर्तव्य में लापरवाही और नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

  • माध्यमिक विद्यालय के स्तर पर अधिकारियों ने व्यक्त किया संतोष: जहाँ एक ओर प्राथमिक विद्यालय में शैक्षणिक स्तर ने अधिकारियों को निराश किया, वहीं दूसरी ओर शासकीय माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान एक सकारात्मक तस्वीर उभर कर सामने आई। जब अधिकारियों की टीम ने माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक दक्षता, उनके ज्ञान और प्रश्नों को हल करने की उनकी क्षमता का परीक्षण किया, तो परिणाम काफी उत्साहजनक रहे। सीईओ श्री वैष्णव ने माध्यमिक विद्यालय के बच्चों की शैक्षणिक स्थिति और उनकी विषयगत समझ पर गहरा संतोष व्यक्त किया। बच्चों द्वारा दिए गए सही उत्तरों और उनके आत्मविश्वास ने यह साबित किया कि इस स्तर पर शिक्षण कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा व्यक्त किया गया यह संतोष विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक प्रोत्साहन का कार्य करेगा, जिससे वे भविष्य में और भी अधिक लगन के साथ बच्चों का मार्गदर्शन कर सकेंगे।

  • विद्यार्थियों को दिया गया लक्ष्य निर्धारण और नियमित अध्ययन का मूल मंत्र: केवल कमियां खोजना या औपचारिकता पूरी करना ही इस निरीक्षण का उद्देश्य नहीं था। एक कुशल प्रशासक और मार्गदर्शक की भांति जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव ने विद्यार्थियों के साथ एक लंबा और आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने बच्चों को जीवन में सफलता के गुर सिखाते हुए नियमित अध्ययन (Regular Study) करने की गहरी समझाइश दी। सीईओ ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बिना किसी उद्देश्य के केवल कक्षाओं में उपस्थित न रहें, बल्कि अपने भविष्य के लिए अभी से एक स्पष्ट 'लक्ष्य निर्धारित' (Goal Setting) करें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जीवन में कोई भी बड़ा मुकाम हासिल करने के लिए पढ़ाई में निरंतरता और अभ्यास की सबसे अहम भूमिका होती है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरुजनों का सही मार्गदर्शन ही विद्यार्थियों की प्रगति का सबसे मजबूत आधार होता है, इसलिए बच्चों को हमेशा शिक्षकों का सम्मान करते हुए उनसे निरंतर सीखते रहना चाहिए।

  • गतिविधि-आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश: आधुनिक शिक्षा प्रणाली में केवल किताबों को पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खेल-खेल में और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सिखाना ज्यादा कारगर माना जाता है। इसी आधुनिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए जिला पंचायत सीईओ ने विद्यालय में वर्तमान में संचालित की जा रही गतिविधि-आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) पद्धतियों का भी अत्यंत सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षण की इन आधुनिक और रोचक पद्धतियों को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि इन्हें और भी अधिक प्रभावी ढंग से नियमित कक्षाओं में अपनाएं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे ऐसी शिक्षण तकनीकों का उपयोग करें जिससे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़े और वे नीरसता महसूस न करें।

  • कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच बैठकर पढ़ाई में बच्चों की भागीदारी की सराहना: अधिकारियों ने विद्यालय के माहौल को बहुत करीब से महसूस करने के लिए एक बेहद सहज और प्रेरणादायक कदम उठाया। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री वैष्णव केवल खड़े होकर निर्देश देने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे स्वयं कक्षाओं में गए और विद्यार्थियों के बीच उन्हीं की बेंच पर जाकर बैठ गए। अधिकारियों का इस तरह बच्चों के बीच बैठकर अध्यापन कार्य को देखना बच्चों के लिए भी एक अनोखा अनुभव था। इस दौरान उन्होंने यह बारीकी से परखा कि बच्चे कक्षा की गतिविधियों में कितनी सक्रियता के साथ भाग ले रहे हैं। बच्चों द्वारा पढ़ाई में दिखाई जा रही सक्रिय भागीदारी (Student Participation) और उनके उत्साह की सीईओ ने खुलकर सराहना की। इस तरह के आत्मीय कदम से बच्चों का मनोबल काफी ऊँचा हुआ और उनके मन से प्रशासनिक अधिकारियों का भय भी दूर हुआ।

  • बुनियादी ढांचे का निरीक्षण: स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण की आवश्यकता: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए एक बेहतर भौतिक वातावरण का होना भी नितांत आवश्यक है। इसी तथ्य को संज्ञान में रखते हुए अधिकारियों की टीम ने विद्यालय के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का भी गहन मुआयना किया। उन्होंने विद्यालय में विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया और कक्षाओं में उपलब्ध बेंचों की गुणवत्ता (Quality of Benches) को स्वयं परखा। सीईओ श्री वैष्णव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों को केवल अच्छी शिक्षा देना ही प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उन्हें एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण (Clean, Safe, and Convenient Environment) प्रदान करना भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि बच्चों को अनुकूल माहौल मिलेगा, तभी उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही दिशा में हो सकेगा।

  • निरीक्षण में संबंधित विभागीय अधिकारियों और स्टाफ की मौजूदगी: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत किए गए इस वृहद निरीक्षण कार्यक्रम में प्रशासनिक सामंजस्य पूरी तरह देखने को मिला। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव और अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश के साथ-साथ इस महत्वपूर्ण मौके पर स्थानीय प्रशासनिक अमला भी मुस्तैद रहा। निरीक्षण के दौरान मौके पर अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) श्री संजीव साहू, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) श्री दिलीप व्यास सहित शिक्षा विभाग एवं प्रशासन के अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुखता से उपस्थित रहे। इसके अलावा शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय किशनपुरा का संपूर्ण शिक्षकीय स्टाफ भी इस दौरान मौजूद रहा। सभी अधिकारियों ने एकजुट होकर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया और भविष्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

Image Source : https://neemuch.mpinfo.org