बैतूल। मध्य प्रदेश शासन की मंशानुरूप और सुशासन को जमीनी स्तर पर पूर्ण रूप से लागू करने के उद्देश्य से बैतूल जिले में प्रशासनिक सक्रियता अपने चरम पर है। इसी महत्वपूर्ण दिशा में कदम बढ़ाते हुए, मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को बैतूल जिले के आमला जनपद पंचायत के ससुन्द्रा सेक्टर में एक विशाल जनविश्वास शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य लक्ष्य शासन और आम जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना और यह सुनिश्चित करना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। इस अत्यंत महत्वपूर्ण और जन-केंद्रित शिविर में क्षेत्रीय विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, जिले के संवेदनशील कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री वीरेंद्र जैन ने विशेष रूप से शिरकत की। इन सभी शीर्ष अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने एक मंच पर बैठकर ग्रामीणों की हर छोटी-बड़ी समस्याओं को अत्यधिक गंभीरता और आत्मीयता के साथ सुना तथा मौके पर ही विभागीय अधिकारियों को निर्देशित कर अनेक जटिल प्रकरणों का त्वरित निराकरण भी सुनिश्चित कराया।

इस शिविर की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें ससुन्द्रा, अंधारिया, अंबाड़ा, ब्राह्मणवाड़ा, नांदपुर, रमली, हसलपुर, ससाबड़, कनौजिया, परसोडा, आवरिया एवं रंभाखेड़ी सहित आसपास की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सैकड़ों ग्रामीणों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बेझिझक अपनी विभिन्न समस्याएं एवं लंबित शिकायतें सीधे प्रशासन के उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। इस गरिमामयी अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री गणेश यादव, उपाध्यक्ष श्री किशन रघुवंशी सहित अन्य कई स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारीगण भी पूर्ण रूप से उपस्थित रहे, जिससे समस्याओं के निवारण में कोई भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।

अंतिम छोर के पात्र हितग्राही तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाने का दृढ़ संकल्प

शिविर को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट और प्रभावशाली शब्दों में कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में प्रारंभ किए गए इस 'मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान' का मूल और सर्वोच्च उद्देश्य शासन की समस्त जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक बिना किसी बिचौलिए के पहुँचाना है। मुख्यमंत्री की इसी जनकल्याणकारी मंशानुरूप, आज संपूर्ण जिला प्रशासन वातानुकूलित कार्यालयों से बाहर निकलकर गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर सीधे ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर रहा है।

विधायक महोदय ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आम जनता को अपने जायज अधिकारों और शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। ग्रामीणों के बहुमूल्य समय और धन की बचत हो, इसी पवित्र उद्देश्य से इन जनविश्वास शिविरों का आयोजन ग्राम स्तर पर किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी उपस्थित ग्रामीणों से यह विशेष अपील भी की कि वे अपने-अपने गांवों में आयोजित होने वाले इन जनविश्वास शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं और शासन द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाएं।

संवेदनशीलता की मिसाल: बाल आशीर्वाद योजना और पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

शिविर के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता के कई अनूठे और प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिले। जब मानवीय संवेदनाओं से जुड़े मामले सामने आए, तो प्रशासन ने बिना किसी लालफीताशाही के तुरंत कड़े कदम उठाए:

  • अनाथ बच्चों के लिए वरदान (मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना): शिविर में एक अत्यंत भावुक कर देने वाला मामला तब सामने आया, जब गुंजन गोंडे नामक आवेदक ने अधिकारियों को बताया कि माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बावजूद उन्हें अब तक 'मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना' का लाभ नहीं मिल सका है। इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेते हुए विधायक और कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने तत्काल संबंधित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि पात्रता के अनुसार मात्र तीन दिन के भीतर इस बच्चे को योजना का लाभ सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही, जिले के ऐसे सभी बेसहारा बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर लाभान्वित करने के सख्त निर्देश भी जारी किए गए।

  • गुमशुदा युवा के मामले में 'जीरो पर कायमी' (Zero FIR): रोजगार की तलाश में मजदूरी करने महाराष्ट्र गए एक स्थानीय युवा की गुमशुदगी से संबंधित अत्यंत गंभीर शिकायत भी शिविर में प्रस्तुत की गई। इस पर पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस थाने को तत्काल 'जीरो पर कायमी' (Zero FIR) दर्ज करने और संपूर्ण प्रकरण को संबंधित क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक को अविलंब भेजने के स्पष्ट निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने सभी मातहतों को निर्देशित किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बुनियादी सुविधाओं और जनसमस्याओं पर अधिकारियों का 'ऑन द स्पॉट' एक्शन

शिविर का सबसे महत्वपूर्ण पहलू बुनियादी जनसुविधाओं जैसे राशन, बिजली, पानी, सड़क और आवास से संबंधित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना रहा। अधिकारियों ने निम्नलिखित प्रकरणों पर समय-सीमा तय करते हुए सख्त कार्रवाई की:

  • राशन वितरण में बाधाओं का समाधान: आवेदक पार्वती बाई खण्डाग्रे ने शिकायत की कि आधार कार्ड न बन पाने के कारण उन्हें सरकारी राशन से वंचित रखा जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम पंचायत के सचिव एवं रोजगार सहायक को सख्त हिदायत दी कि राशन का सुचारू वितरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में, प्रीति पवार के राशन कार्ड न बनने की समस्या, हरिद्ववार मंडल की गरीबी रेखा (BPL) सूची से संबंधित शिकायत तथा शंकर खण्डाग्रे के स्वामित्व योजना के लंबित आवेदन के त्वरित निराकरण हेतु भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए।

  • विद्युत और राजस्व अभिलेखों में सुधार: डोमा सिंह बघेल के राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त करने तथा रेखा सोनी के विद्युत कनेक्शन में नाम परिवर्तन संबंधी आवेदनों पर अविलंब कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए गए। विश्राम उइके द्वारा नए विद्युत पोल लगाने की मांग पर अधिकारियों ने मात्र 15 दिवस की समय-सीमा निर्धारित करते हुए पोल स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

  • सड़क और बुनियादी ढांचा (PWD): क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए हॉस्पिटल से हाईवे तक को जोड़ने वाले मार्ग तथा गांव की अन्य जर्जर सड़कों के डामरीकरण की मांग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव बनाकर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए। कोंडरखापा क्षेत्र में जलभराव की समस्या को देखते हुए विधायक एवं कलेक्टर ने वहां नाली निर्माण का कार्य शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

  • नल-जल योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाएं: ग्राम देवथान की निवासी संध्या सोलंकी के बीपीएल कार्ड निर्माण, हेमराज चारपे की भूमि के सीमांकन तथा अमन विश्वकर्मा एवं निर्मला बाई की नल-जल योजना की पाइपलाइन से जुड़ी समस्याओं पर गंभीरता से सुनवाई की गई। पीएचई (PHE) के अधिकारियों ने शिविर में ही स्पष्ट किया कि पाइप उपलब्ध कराए जा चुके हैं और आगामी 15 दिवस के भीतर पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कौशल्या खातरकर की आवास संबंधी समस्या, महेश को आयुष्मान कार्ड जारी करने, रामेश्वर राने को पीएम विश्वकर्मा योजना से जोड़ने तथा निर्मला हरोड़े की वृद्धावस्था पेंशन तुरंत शुरू करने के कड़े निर्देश दिए गए।

प्रतिभा को प्रोत्साहन: नवाचार और महिला सशक्तिकरण की हुई मुक्तकंठ से सराहना

शिविर में केवल समस्याओं का ही समाधान नहीं हुआ, बल्कि ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभाओं और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को भी एक बड़ा मंच मिला। शासकीय माध्यमिक शाला, रंभाखेड़ी में अध्ययनरत एक होनहार छात्रा आरती साहू ने अपनी वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए एक अद्भुत 'मैजिक बोर्ड इनोवेशन' (Magic Board Innovation) तैयार किया था, जिसे उसने शिविर में प्रदर्शित किया। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और एसपी ने छात्रा के इस नवाचार का बहुत ही बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने छात्रा की रचनात्मकता, उसकी तकनीकी समझ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की खुले दिल से प्रशंसा की तथा उसे भविष्य में ऐसे ही और नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसके साथ ही, शिविर परिसर में आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण स्व-सहायता समूह (SHG) की कर्मठ महिलाओं द्वारा निर्मित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। विधायक, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य सभी अधिकारियों ने इन महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के प्रयासों को बल देने के लिए उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों का स्वयं क्रय किया और उनके उत्कृष्ट कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस प्रकार यह जनविश्वास शिविर बैतूल जिले के ससुन्द्रा सेक्टर के ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत सफल, सार्थक और परिणामदायी आयोजन साबित हुआ, जिसने प्रशासन के प्रति आम जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।

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