कटनी। राज्य शासन की मंशानुरूप और युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के दृढ़ संकल्प के साथ कटनी जिला प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर सक्रिय है। इसी दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम उठाते हुए शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम बाकल में 'मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026' के तहत एक विशेष 'उद्यम संवाद' कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मात्र एक औपचारिक बैठक नहीं था, बल्कि प्रशासन, स्थानीय उद्यमियों और क्षेत्र के युवाओं के बीच एक सीधा पुल स्थापित करने की एक अभिनव प्रशासनिक पहल थी। शासन का मुख्य उद्देश्य इस संवाद के माध्यम से यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवा स्वरोजगार के प्रति आकर्षित हों और वे सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर हो सकें।
इस अत्यंत महत्वपूर्ण 'उद्यम संवाद' से जुड़ी विस्तृत जानकारी और कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
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'उद्यम संवाद' का मुख्य उद्देश्य और रूपरेखा: प्रशासन द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का केंद्रीय उद्देश्य स्थानीय युवाओं और वर्तमान में कार्य कर रहे उद्यमियों को स्वरोजगार (Self-Employment) के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित करना था। अक्सर यह देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में युवा शासकीय योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। इसलिए, इस कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई थी कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी और रोजगारोन्मुखी (Employment-oriented) योजनाओं की जानकारी अत्यंत सुगमता और सरलता के साथ लक्षित वर्ग तक पहुंचाई जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को उद्योग स्थापित करने की प्रारंभिक प्रक्रिया से लेकर उसके सफल संचालन तक हर कदम पर सही मार्गदर्शन प्राप्त हो।
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कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अमले की सघन उपस्थिति: यह संपूर्ण आयोजन कटनी जिले के कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच का परिणाम था। कार्यक्रम को प्रभावी बनाने और जमीनी स्तर पर इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर स्वयं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। उनके नेतृत्व में संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय प्रशासन और उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) बहोरीबंद श्री प्रदीप मिश्रा तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक श्रीमती ज्योति सिंह सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी भी इस अवसर पर प्रमुखता से उपस्थित रहे। इन सभी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया।
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उद्यमियों के साथ सीधा संवाद और कार्यप्रणाली का अध्ययन: कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावी चरण वह था जब जिला पंचायत सीईओ श्रीमती हरसिमरनप्रीत कौर ने स्थानीय उद्यमियों के साथ एक बहुत ही सार्थक और सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने मंच से भाषण देने के बजाय वन-टू-वन चर्चा को प्राथमिकता दी। अधिकारियों ने क्षेत्र में पहले से स्थापित और कार्यरत उद्यमियों से उनके वर्तमान व्यवसाय, उनकी कार्यप्रणाली (Working style) और उनके अब तक के व्यापारिक अनुभवों के बारे में बहुत ही बारीकी से जानकारी ली। प्रशासन यह भली-भांति समझता है कि हर व्यवसाय की अपनी एक अलग प्रकृति होती है, और जब तक जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों के अनुभवों को न सुना जाए, तब तक नई नीतियां प्रभावी रूप से लागू नहीं की जा सकतीं।
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व्यवसाय संचालन की चुनौतियों और आवश्यकताओं का जमीनी आकलन: व्यापार या उद्योग स्थापित करना और उसे निरंतर सफलतापूर्वक चलाना एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें प्रतिदिन नई बाधाएं आती हैं। 'उद्यम संवाद' के इस खुले मंच पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उद्यमियों द्वारा व्यवसाय के संचालन में सामना की जाने वाली विभिन्न चुनौतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें अपने उद्योग में किन बुनियादी आवश्यकताओं की कमी महसूस होती है। प्रशासन का यह कदम यह दर्शाता है कि वे केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं (Practical Problems) को सुनकर उनका त्वरित समाधान निकालने के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
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भविष्य में व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर गहन मंथन: वर्तमान व्यवसाय को स्थिर रखने के साथ-साथ उसके भविष्य के विस्तार (Future Expansion) की संभावनाएं तलाशना किसी भी उद्यम की सफलता की कुंजी है। अधिकारियों और उद्यमियों के बीच इस विषय पर गहन मंथन हुआ कि बाकल और बहोरीबंद क्षेत्र के स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्योगों को बड़े स्तर पर कैसे ले जाया जा सकता है। वर्तमान व्यवसायों के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि यदि कोई उद्यमी अपने व्यापार को बढ़ाना चाहता है, तो प्रशासन और उद्योग विभाग उन्हें हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगा। यह चर्चा स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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स्वरोजगार के नए अवसरों की पहचान और युवाओं को मार्गदर्शन: 'उद्यम संवाद' का एक बड़ा हिस्सा युवाओं को समर्पित था। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने युवाओं को एक बहुत ही महत्वपूर्ण सीख दी कि किसी भी उद्यम की सफलता के लिए यह सबसे ज्यादा जरूरी है कि उसका चयन व्यक्ति की स्वयं की 'रुचि' (Interest) और उसकी 'क्षमता' (Capacity) के अनुरूप किया जाए। दूसरों की देखा-देखी उद्योग लगाने के बजाय, प्रशासन ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी व्यक्तिगत खूबियों को पहचानें और उसी के अनुसार अपने व्यवसाय का चुनाव करें। स्वरोजगार के नए और आधुनिक अवसरों पर विचार-विमर्श करते हुए युवाओं को यह अहसास दिलाया गया कि वे केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि दूसरों को नौकरी देने वाले (Job Creators) भी बन सकते हैं।
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योजनाओं का लाभ और आत्मनिर्भरता का स्पष्ट संदेश: कार्यक्रम के अंतिम चरण में, अधिकारियों ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार सृजन योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। यह स्पष्ट किया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध अवसरों, वित्तीय अनुदानों और सुविधाओं का लाभ उठाकर कोई भी युवा अपना स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकता है। प्रशासन का यह स्पष्ट संदेश था कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत शासन की सभी योजनाएं पूरी तरह से पारदर्शी और सुलभ हैं। युवाओं को इन योजनाओं का भरपूर लाभ लेकर स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने और अंततः जिले तथा प्रदेश के आर्थिक विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया गया। यह संवाद कार्यक्रम कटनी जिले में स्वरोजगार की एक नई लहर पैदा करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
Image Source : https://katni.mpinfo.org
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