नीमच जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर एवं जनहितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बुधवार, 22 जुलाई 2026 को नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में जिला चिकित्सालय की रोगी कल्याण समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला अस्पताल की वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं, अधोसंरचना के विकास, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न नए प्रस्तावित विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को अत्याधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और कड़े निर्णय लिए गए, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।

पूर्व प्रस्तावों की समीक्षा और प्रस्तुत एजेंडा

बैठक के प्रारंभ में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र पाटीदार ने समिति के समक्ष पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के विकास से जुड़े विभिन्न नए प्रस्ताव भी समिति के समक्ष रखे।

बैठक में जिला चिकित्सालय की चिकित्सा तथा आधारभूत सुविधाओं को पूरी तरह से सुदृढ़ करने के लिए व्यापक चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से कई अहम फैसले लिए गए, जिनका उद्देश्य अस्पताल आने वाले आम नागरिकों और मरीजों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रमुख निर्णय

रोगी कल्याण समिति की इस बैठक में जिला चिकित्सालय के कायाकल्प और तकनीकी उन्नयन के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई:

  • वैकल्पिक रेफरल व्यवस्था: आवश्यकता पड़ने पर मरीजों के सुरक्षित और समय पर उच्च संस्थानों में रेफरल के लिए एक प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया गया।

  • ऑक्सीजन प्लांट का विस्तार: नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) और बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (PICU) को सीधे लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।

  • परिसर में निर्माण कार्य: चिकित्सालय परिसर में धूप और बारिश से बचाव के लिए शेड निर्माण तथा मातृत्व वार्ड में आवश्यक मरम्मत व निर्माण कार्य किए जाएंगे।

  • रोगी सुविधाएं एवं बैठने की व्यवस्था: ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा मरीजों की निजता (प्राइवेसी) को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक वार्डों में स्क्रीन और पर्दे क्रय करने का निर्णय हुआ।

  • रक्त वितरण केंद्र और सुरक्षा: रक्त वितरण केंद्र में आवश्यक रिपेयरिंग कार्य करवाए जाएंगे तथा पुलिस चौकी एवं रक्त वितरण केंद्र के समीप एक नवीन कक्ष का निर्माण किया जाएगा।

  • आधुनिक उपकरण और सामग्री: वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए नए और आरामदायक मैट्रेस (गद्दे) खरीदे जाएंगे। इसके अलावा सीएसआर (Corporate Social Responsibility) मद के माध्यम से अस्पताल में एक आधुनिक लॉन्ड्री मशीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी शामिल रहा।

  • क्रिटिकल केयर ब्लॉक (CCB): नवनिर्मित क्रिटिकल केयर ब्लॉक को निर्बाध ऑक्सीजन सप्लाई और ट्रामा सेंटर से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी।

  • नवीन भवन निर्माण: पुराने मातृत्व विंग और क्षय रोग इकाई के जर्जर या पुराने स्थानों पर एक आधुनिक नवीन भवन के निर्माण हेतु शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया।

कलेक्टर के सख्त निर्देश: साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण और प्रकाश व्यवस्था

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने बैठक के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए अधिकारियों को कई स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उनके द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश निम्नलिखित हैं:

  1. उत्कृष्ट साफ-सफाई: जिला चिकित्सालय परिसर और सभी वार्डों में उच्च स्तर की साफ-सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

  2. भीड़ नियंत्रण: सभी वार्डों में मरीजों के आसपास अनावश्यक भीड़ को सख्ती से नियंत्रित किया जाए, ताकि संक्रमण का खतरा न बढ़े और शांति बनी रहे।

  3. प्रतीक्षा कक्ष (Waiting Area): मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के बैठने और ठहरने के लिए अस्पताल परिसर में एक सुव्यवस्थित प्रतीक्षा व्यवस्था विकसित की जाए।

  4. विद्युत प्रकाश: चिकित्सालय परिसर के भीतर और बाहर पर्याप्त विद्युत प्रकाश (लाइटिंग) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि रात के समय भी आवागमन सुरक्षित और सुगम रहे।

  5. राजस्व में वृद्धि: कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वे जिला चिकित्सालय की आय में वृद्धि के संभावित स्रोतों की पहचान करें और उस दिशा में आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक कार्यवाही शुरू करें।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य रूप से जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संगीता भारती, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री राजेश गुप्ता, तथा जिला चिकित्सालय के अस्पताल प्रबंधक डॉ. जनमेजय शाक्य सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे, जिन्होंने बैठक के दौरान अपने सुझाव रखे और योजनाओं के क्रियान्वयन का संकल्प लिया।

निष्कर्ष

नीमच कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई रोगी कल्याण समिति की यह बैठक जिला चिकित्सालय की तस्वीर बदलने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी। एसएनसीयू और पीआईसीयू को लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट से जोड़ने, नए भवनों के प्रस्ताव भेजने, आधुनिक लॉन्ड्री मशीन की व्यवस्था करने और साफ-सफाई तथा भीड़ नियंत्रण जैसे मुद्दों पर लिए गए कड़े निर्णय यह दर्शाते हैं कि जिला प्रशासन आम जनता को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से नीमच जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं में एक सकारात्मक और क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

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