नीमच, 12 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और पशुपालकों को वैज्ञानिक विधियों से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से प्रदेश शासन द्वारा 'दुग्ध समृद्धि अभियान' के तीसरे चरण की शुरुआत की जा रही है। 13 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस विशेष जनसंपर्क अभियान के माध्यम से नीमच जिले में पशुपालन को एक लाभप्रद और आधुनिक व्यवसाय के रूप में स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
अभियान का व्यापक स्वरूप और कार्ययोजना
इस महत्वाकांक्षी अभियान के प्रभावी संचालन हेतु प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता व्यवस्थाएं की गई हैं। जिला स्तर पर डॉ. संदीप शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि विकासखंड स्तर की गतिविधियों की निगरानी संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी करेंगे। अभियान का मुख्य फोकस ऐसे पशुपालकों पर है, जिनके पास 3 से 4 गौवंश या भैंसवंशीय पशु उपलब्ध हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की टीम सीधे पशुपालकों के घर-घर जाकर उनसे संवाद करेगी।
प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज और लक्ष्य
नीमच जिले में इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए 201 प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है। इन कार्यकर्ताओं को जिला और विकासखंड स्तर पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, ताकि वे पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन के हर पहलू से भली-भांति अवगत करा सकें। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, इस नौ दिवसीय अभियान के दौरान जिले के 10,084 पशुपालकों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय सुझाए जाएंगे।
वैज्ञानिक जानकारी और तकनीक का उपयोग
गृह भ्रमण के दौरान कार्यकर्ता पशुपालकों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जागरूक करेंगे:
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नस्ल सुधार और संतुलित आहार: पशुओं की नस्ल सुधार के महत्व और उन्हें दिए जाने वाले वैज्ञानिक पशु आहार के संतुलित अनुपात पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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स्वास्थ्य प्रबंधन: पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को साझा किया जाएगा।
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चारे का महत्व: हरे चारे और साइलेज (Silage) के उपयोग एवं उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा।
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डिजिटल सशक्तिकरण: पशुपालकों को उन्नत पशुपालन संबंधी जानकारी देने के लिए चार विशेष शैक्षणिक रील (Reels) दिखाई जाएंगी। साथ ही, उन्हें शासन द्वारा विकसित 'गोरस ऐप' (Goras App) डाउनलोड करने में मदद की जाएगी, जिससे वे तकनीक के माध्यम से अपने पशुओं का विवरण ऑनलाइन अद्यतन कर सकें।
मॉनिटरिंग और जन-भागीदारी
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अभियान में सक्रिय सहभागिता निभा सकें। यह अभियान न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात करेगा।
Image Source: https://neemuch.mpinfo.org
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