पंखा झोपड़ी में पेयजल संकट, दो पंचायत भी नहीं करा पा रहीं पानी उपलब्ध
मुलताई। प्रभात पट्टन जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला पंखा झोपड़ी गांव इन दिनों भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है। खास बात यह है कि यह गांव दो ग्राम पंचायत—चिचंडा और निमोटी—के अंतर्गत आता है, लेकिन इसके बावजूद ग्रामीणों को पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिल पा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पेयजल का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। वर्तमान में एकमात्र हैंडपंप ही सहारा बना हुआ है, जो गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग रोजाना दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
करीब 50 घरों की आबादी और उनके मवेशी इसी एक हैंडपंप पर निर्भर हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पानी की कमी के चलते ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं दोनों पंचायतों के जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। सरपंच अंकित कालभोर का कहना है कि उनके कार्यकाल में 6 बोर कराए गए थे, लेकिन सभी सूख गए। उन्होंने बताया कि 900 फीट तक खुदाई करने के बावजूद पानी नहीं मिल पाया।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना आखिर कब तक जमीन पर उतरेगी और पंखा झोपड़ी के ग्रामीणों की प्यास कब बुझेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी पेयजल व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि उन्हें इस समस्या से राहत मिल सके।

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