मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र मण्डीदीप में आज विकास और जन-कल्याण की दिशा में एक नया अध्याय लिखा गया। रायसेन जिले के औद्योगिक परिदृश्य को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से जिले की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 'एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज' के सभागार में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।

दिनांक 13 मई को आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता रायसेन कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने की। इस अवसर पर जिले के आला अधिकारी और मण्डीदीप क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु न केवल औद्योगिक समस्याओं का समाधान करना था, बल्कि जिले के शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी रहा।


1. औद्योगिक समस्याओं का त्वरित निराकरण और संवाद

बैठक की शुरुआत में मण्डीदीप के उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्र की विभिन्न चुनौतियों और समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। इनमें बुनियादी ढांचे, परिवहन और स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित मुद्दे शामिल थे।

  • प्रशासनिक आश्वासन: कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने उद्योगपतियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और स्पष्ट किया कि मण्डीदीप औद्योगिक क्षेत्र रायसेन जिले की आर्थिक रीढ़ है। उन्होंने इन समस्याओं के निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए त्वरित कार्यवाही का ठोस आश्वासन दिया।

  • विकास में सहभागिता: प्रशासन ने स्पष्ट किया कि उद्योगों की प्रगति के मार्ग में आने वाली बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा, ताकि निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकें।


2. ऊर्जा आत्मनिर्भरता: प्रधानमंत्री के संदेश को किया साझा

बैठक के दौरान कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने भारत की "भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा" पर विशेष जोर दिया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण को साझा करते हुए उद्योगपतियों से एक बड़े बदलाव की अपील की।

  1. नवाचारी ऊर्जा विकल्प: कलेक्टर ने आग्रह किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए उद्योगों को अब गैस, डीजल और पेट्रोल जैसे पारंपरिक ईंधनों पर अपनी निर्भरता कम करनी चाहिए।

  2. सशक्त भारत का संकल्प: उन्होंने उद्योग जगत को सुझाव दिया कि वे सौर ऊर्जा (Solar Energy) और अन्य हरित ऊर्जा विकल्पों को अपनाएं। इससे न केवल उद्योगों की उत्पादन लागत कम होगी, बल्कि देश ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेगा।


3. शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाएं

रायसेन जिले के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए कलेक्टर ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद के तहत शिक्षा के क्षेत्र में कुछ विशेष प्रस्ताव रखे।

  • 12वीं कक्षा के लिए स्मार्ट क्लास: जिले के शासकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिए कक्षा 12वीं में स्मार्ट क्लास स्थापित करने पर जोर दिया गया। इससे छात्रों को डिजिटल माध्यम से सीखने में मदद मिलेगी।

  • प्राथमिक विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण: छोटे बच्चों के लिए प्राथमिक स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर और पीने के लिए शुद्ध जल हेतु वाटर प्यूरीफायर की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।


4. स्वास्थ्य और पोषण: अति-कुपोषित बच्चों के लिए विशेष पहल

स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रशासन का मुख्य ध्यान अति-कुपोषित बच्चों की देखभाल पर है। इसके लिए उद्योगों से निम्नलिखित सहयोग की अपेक्षा की गई है:

  • NRC भवनों का आधुनिकरण: जिले के 6 एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Center) भवनों में गर्मी के मौसम और बेहतर वातावरण को देखते हुए एयर कंडीशनर (AC) लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

  • आंगनवाड़ी केंद्रों में सौर ऊर्जा: ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों को ऊर्जा के मामले में स्वतंत्र बनाने के लिए वहां सोलर सिस्टम की स्थापना करने की अपील की गई है, ताकि बिजली गुल होने पर भी बच्चों की शिक्षा और पोषण कार्यक्रम बाधित न हों।


5. पर्यावरण संरक्षण: वृक्षारोपण और जल संवर्धन

रायसेन जिले को हरा-भरा और जल-समृद्ध बनाने के लिए प्रशासन ने उद्योगों के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

  1. वृहद वृक्षारोपण: औद्योगिक क्षेत्रों और जिले के अन्य खाली भूखंडों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण करने का निर्णय लिया गया है।

  2. रेन वाटर हार्वेस्टिंग: जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घरों और औद्योगिक परिसरों में वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) प्रणालियों को अनिवार्य रूप से स्थापित करने पर चर्चा हुई।


6. उद्योगपतियों का सकारात्मक रुख और आश्वासन

एसोसिएशन ऑफ ऑल इण्डस्ट्रीज के संरक्षक श्री राजीव अग्रवाल ने बैठक के दौरान कलेक्टर को वर्तमान में उद्योगों द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने प्रशासन द्वारा प्रस्तावित नए जन-कल्याणकारी कार्यों के लिए अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की और आश्वासन दिया कि मण्डीदीप का उद्योग जगत रायसेन जिले के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलेगा।


उपस्थित अधिकारी वर्ग

बैठक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें जिले के लगभग सभी महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख शामिल थे। बैठक में मुख्य रूप से:

  • श्री कमल सोलंकी, जिला पंचायत सीईओ

  • श्री चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीएम गौहरगंज

  • श्री सिद्धार्थ खरे, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र

  • साथ ही जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और प्रमुख उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यह बैठक रायसेन जिले के औद्योगिक विकास के साथ-साथ सामाजिक उत्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी, जहां प्रशासन और निजी क्षेत्र मिलकर जनता की भलाई के लिए कार्य करेंगे।

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