भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियाँ अत्यंत तीव्र हो गई हैं। इसी श्रृंखला में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। जिले के प्रशासनिक अमले और प्रगणकों की कर्मठता के चलते जनगणना के प्रथम चरण, जिसमें मकान सूचीकरण (House Listing) और मकानों की गणना (Housing Census) शामिल है, में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।
जिले की गौरिहार तहसील ने इस महाभियान में आदर्श प्रस्तुत करते हुए पूरे जिले में सबसे पहले एचएलबी (HLB - Houselisting Block) का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल तहसील के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे छतरपुर जिले के लिए जनगणना कार्यों की गति को प्रदर्शित करती है।
1. गौरिहार तहसील और नगरीय निकायों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
जनगणना 2027 एक विशाल राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसे छतरपुर में जिला प्रशासन के कुशल निर्देशन में चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है। ताजा अपडेट के अनुसार, गौरिहार तहसील द्वारा सबसे पहले कार्य पूर्ण करने के बाद जिले के अन्य निकायों ने भी अपनी सक्रियता दिखाई है।
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शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति: गौरिहार तहसील के साथ-साथ जिले के तीन प्रमुख नगरीय निकायों— हरपालपुर, लवकुशनगर एवं चंदला ने भी मकान गणना का कार्य 100% पूरा कर लिया है।
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समय सीमा से पहले सफलता: सबसे विशेष बात यह रही कि इन क्षेत्रों में कार्यरत प्रगणकों और सुपरवाइजरों ने निर्धारित समय सीमा (डेडलाइन) समाप्त होने से काफी पहले ही डेटा संकलन और मकानों की नंबरिंग का काम व्यवस्थित रूप से समाप्त कर लिया।
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डाटा की शुद्धता: एचएलबी कार्य के दौरान प्रत्येक मकान की पहचान और सूचीकरण में उच्च स्तर की सटीकता सुनिश्चित की गई है, जो आगामी चरणों के लिए आधार का काम करेगी।
2. कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने दी बधाई और शुभकामनाएं
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर छतरपुर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री पार्थ जैसवाल ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय सीधे तौर पर फील्ड में काम कर रहे प्रगणकों और क्षेत्रीय अधिकारियों को दिया है।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने अपने संदेश में निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
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प्रगणकों की सराहना: उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्रगणकों को विशेष रूप से बधाई दी, जिन्होंने धूप और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद घर-घर जाकर डेटा एकत्र किया।
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जिम्मेदारी का निर्वहन: कलेक्टर ने कहा कि जनगणना जैसा कार्य राष्ट्र निर्माण की नींव होता है। प्रगणकों ने जिस जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया है, उसी से इस महत्वपूर्ण मिशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है।
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टीम वर्क की जीत: जिले में गौरिहार, हरपालपुर, लवकुशनगर और चंदला की इस संयुक्त सफलता को कलेक्टर ने एक आदर्श 'टीम वर्क' का परिणाम बताया।
3. एसडीएम ने किया प्रशस्ति पत्र से सम्मानित
फील्ड स्तर पर कार्य की निगरानी कर रहे एसडीएम श्री बलबीर रमन ने भी प्रगणकों के उत्साहवर्धन में कोई कसर नहीं छोड़ी। कार्य पूर्ण होने के पश्चात एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रगणकों की मेहनत को आधिकारिक मान्यता दी।
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सम्मान समारोह: एसडीएम बलबीर रमन ने कार्य पूर्ण करने वाले प्रगणकों को प्रशस्ति पत्र सौंपकर सम्मानित किया।
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मनोबल में वृद्धि: इस सम्मान का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को भी प्रोत्साहित करना है ताकि शेष बचे हुए क्षेत्रों में भी जनगणना का कार्य इसी तीव्रता और शुद्धता के साथ पूरा किया जा सके।
4. जनगणना 2027 के प्रथम चरण का महत्व
जनगणना 2027 का वर्तमान चरण (मकान सूचीकरण एवं मकान गणना) भविष्य की विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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बुनियादी ढांचा: इस चरण में प्राप्त होने वाले आंकड़ों से यह स्पष्ट होगा कि जिले में आवासों की स्थिति क्या है और किन क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व किस प्रकार बढ़ रहा है।
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योजनाओं का आधार: छतरपुर जिले के गौरिहार, चंदला और लवकुशनगर जैसे क्षेत्रों के ये आंकड़े भविष्य में सरकारी योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, नल-जल योजना और बिजली वितरण के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक होंगे।
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अगला चरण: प्रथम चरण के सफल समापन के बाद ही व्यक्तिगत विवरण और जनसंख्या की वास्तविक गिनती का दूसरा मुख्य चरण शुरू किया जाएगा।
5. छतरपुर जिले की प्रशासनिक सक्रियता
छतरपुर जिला प्रशासन शुरू से ही जनगणना कार्यों को लेकर गंभीर रहा है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के नेतृत्व में समय-समय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, ताकि डिजिटल और फिजिकल डेटा प्रविष्टि में कोई त्रुटि न रहे।
गौरिहार तहसील की यह सफलता दर्शाती है कि जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समन्वय बेहतर है। हरपालपुर, लवकुशनगर और चंदला निकायों में कार्य पूर्ण होना यह सुनिश्चित करता है कि जिला अब जनगणना के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों का मानना है कि जिस प्रकार इन तहसीलों और निकायों ने कार्य पूर्ण किया है, शेष तहसीलें भी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देंगी।
छतरपुर जिले के इस मॉडल की सराहना संभाग स्तर पर भी की जा रही है, क्योंकि समय पूर्व कार्य पूर्ण करना प्रशासनिक दक्षता का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
image source:https://chhatarpur.mpinfo.org
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