असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले हजारों श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से पन्ना जिला प्रशासन अब 'मिशन मोड' में कार्य करेगा। केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी पेंशन योजना, प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना (PM-SYM) का लाभ जिले के अंतिम छोर पर खड़े पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए पन्ना कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, जिले में अब विशेष अभियान चलाकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि पात्र श्रमिकों को अपना नामांकन कराने के लिए भटकना न पड़े।


1. विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी

कलेक्टर श्रीमती ऊषा परमार ने जिले के विभिन्न विभागों के प्रमुखों और प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि योजना में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लक्षित समूहों के आधार पर जिम्मेदारी का बंटवारा किया है:

  • निर्माण श्रमिकों के लिए: जिला प्रबंधक (एमपी हाउसिंग बोर्ड), महाप्रबंधक (जल निगम), जिला प्रबंधक (उद्योग एवं व्यापार केंद्र), कार्यपालन यंत्री (लोक निर्माण विभाग) और परियोजना प्रबंधक (पीआईयू) को निर्देशित किया गया है कि उनके अधीन कार्य करने वाले सभी निर्माण श्रमिकों का अनिवार्य रूप से इस पेंशन योजना में पंजीयन कराया जाए।

  • ग्रामीण एवं राजस्व विभाग: जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में ग्राम कोटवारों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें।

  • वन विभाग एवं सुरक्षाकर्मी: वनमंडलाधिकारी (उत्तर एवं दक्षिण पन्ना) को अपने विभाग के अंतर्गत कार्यरत चौकीदारों, कोटवारों और अन्य दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के नामांकन की जिम्मेदारी दी गई है।


2. महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्यान

योजना के दायरे को विस्तार देते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य और महिला बाल विकास विभाग को भी इस अभियान का हिस्सा बनाया है। पन्ना जिले की हजारों महिलाएं जो जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रही हैं, उन्हें इस योजना से जोड़ा जाएगा:

  1. आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को आशा कार्यकर्ताओं के लिए और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के पंजीयन हेतु जवाबदेह बनाया गया है।

  2. स्वसहायता समूह (SHG): परियोजना प्रबंधक (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) को निर्देशित किया गया है कि मिशन के तहत कार्यरत समस्त स्वसहायता समूह की दीदियों का पंजीयन प्राथमिकता के साथ कराया जाए।


3. सहकारिता और खाद्य विभाग को निर्देश

असंगठित क्षेत्र में कार्यरत उन लोगों को भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है जो सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े हैं:

  • उपयुक्त सहकारिता: इन्हें सहकारी समितियों के समस्त सेल्समैन का पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • खाद्य एवं आपूर्ति विभाग: जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकान) पर कार्यरत सभी विक्रेताओं का नामांकन सुनिश्चित करें।


4. नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक कार्ययोजना

पन्ना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जनपद पंचायत सीईओ और शहरी क्षेत्रों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को विस्तृत कार्यभार सौंपा गया है:

  • ग्रामीण क्षेत्र (जनपद पंचायत): यहाँ मनरेगा श्रमिकों, म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत पंजीकृत श्रमिकों, संबल योजना के हितग्राहियों और आजीविका मिशन के तहत कार्यरत श्रमिकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

  • शहरी क्षेत्र (नगर पालिका): शहर के पथ विक्रेताओं (Street Vendors), दुकानों पर काम करने वाले श्रमिकों, संबल योजना के पात्र हितग्राहियों और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के समूहों में कार्यरत श्रमिकों का पंजीयन शिविरों के माध्यम से होगा।


5. पेंशन योजना का स्वरूप और महत्व

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों के लिए है जिनकी मासिक आय सीमित है। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद, इन श्रमिकों को ₹3000 प्रतिमाह की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है।

पन्ना कलेक्टर का मानना है कि जिले में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की एक बड़ी संख्या है, जो जागरूकता के अभाव में इस लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसीलिए, 'अभियान मोड' में काम करते हुए जिले के सभी क्षेत्रों में पंजीयन की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल कागजी कार्यवाही न करें, बल्कि फील्ड पर उतरकर यह सुनिश्चित करें कि नामांकन की संख्या अधिकतम हो।

प्रशासन का लक्ष्य है कि पन्ना जिला इस योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल हो। इसके लिए आगामी दिनों में तहसील और पंचायत स्तर पर कैलेंडर जारी कर विशेष शिविरों की तिथियां घोषित की जाएंगी।

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