मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सुशासन और आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए, रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने एक अनूठी पहल के तहत गंगेव जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले टिकुरी गांव में एक भव्य 'ग्राम चौपाल' का आयोजन किया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशासन के 42 विभागीय अधिकारी और स्वयं कलेक्टर एक साधारण 'नान-एसी' बस में सवार होकर कलेक्ट्रेट से टिकुरी गांव पहुंचे। यह दौरा न केवल प्रशासनिक कसावट का प्रतीक था, बल्कि शासन की योजनाओं को गांव की चौखट तक ले जाने का एक सार्थक प्रयास भी था।
गांव की चौखट पर प्रशासन: 42 अधिकारियों का काफिला : रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अपनी कार्यशैली से यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक अधिकारी अब कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेंगे। टिकुरी गांव के पंचायत प्रांगण में आयोजित इस चौपाल में कलेक्टर ने बिना किसी देरी के ग्रामीणों की समस्याओं को सुनना शुरू किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक माह के भीतर यह उनका तीसरा ग्रामीण दौरा है, जो इस बात का परिचायक है कि प्रशासन अब जनता के करीब है।
राजस्व और विभागीय कार्य: सख्त प्रशासनिक कार्रवाई : जन चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कई स्थानों पर लापरवाही पाए जाने पर कड़े कदम उठाए:
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सीमांकन में देरी: राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के दौरान, सीमांकन कार्यों में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर उन्होंने नायब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
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आंगनवाड़ी की लापरवाही: ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि आंगनवाड़ी केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलते हैं। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने और सीडीपीओ (CDPO) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के सख्त निर्देश दिए।
बुनियादी सुविधाएं: रास्ता, सड़क और जल आपूर्ति: टिकुरी गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों ने अपनी बात रखी, जिस पर कलेक्टर ने त्वरित संज्ञान लिया:
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रास्ता विवाद: गांव में रास्ता विवाद को लेकर आ रही दिक्कतों को उन्होंने मौके पर ही निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क चौड़ीकरण के आदेश दिए ताकि आवागमन सुगम हो सके।
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नल-जल योजना: ग्रामीण नल-जल योजना के सुचारू संचालन न होने की शिकायतों पर कलेक्टर ने पीएचई (PHE) के उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस थमाया। उन्होंने सरपंच और जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि योजना को तत्काल प्रभाव से सुचारू रूप से शुरू कराया जाए।
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जनता का समर्थन: इस दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि वे पानी के बदले शुल्क देने को तैयार हैं, जो उनकी सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
ग्रामीण विकास और कल्याणकारी योजनाएं : कलेक्टर ने ग्रामीण विकास के लिए कई अन्य निर्देश भी दिए:
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आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिन दो हितग्राहियों ने आवंटित होने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया था, उनके आवास कार्य को निरस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी अन्य पात्र व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके।
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विद्युत विभाग: कलेक्टर ने विद्युत मंडल को निर्देश दिए कि प्रत्येक घर में मीटर लगाने की कार्यवाही तत्काल प्रारंभ की जाए।
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टंट्या मामा योजना: जन चौपाल में उन्होंने जयप्रकाश रावत के लिए 'टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना' के तहत ऋण स्वीकृति की कार्यवाही करने हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेशित किया।
अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश : सुशासन की अनिवार्यता कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों को चेताया कि अब किसी भी समस्या के लिए ग्रामीणों को जनसुनवाई में आने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों का दायित्व है कि वे अपने विभाग की योजनाओं का लाभ पूरी निष्ठा के साथ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि टिकुरी गांव से संबंधित कोई भी शिकायत फिर से जिला स्तर की जनसुनवाई में आती है, तो संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
चौपाल की निरंतरता और जागरूकता का आह्वान : रीवा कलेक्टर ने ग्रामीणों से अपील की कि वे 'फार्मर रजिस्ट्री' कराएं ताकि शासन की योजनाओं का निर्बाध लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस प्रकार की 'जन चौपालों' का आयोजन जिले में निरंतर रूप से जारी रहेगा। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत के सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में खंड स्तरीय अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित थे।
इस दौरे ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रशासन संकल्पबद्ध हो, तो समस्याओं का समाधान फाइलों में नहीं, बल्कि सीधे मौके पर हो सकता है। टिकुरी गांव में अधिकारियों के इस काफिले ने एक नया उदाहरण पेश किया है कि सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि धरातल पर किए जाने वाले सुधारों का परिणाम है।
Image Source :https://rewa.mpinfo.org
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