रीवा में कलेक्टर के समर्थन में जनसमर्थन, मुख्यमंत्री को सौंपा गया ज्ञापन
रीवा। रीवा जिले के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के समर्थन में आमजन और सामाजिक संगठनों की आवाज बुलंद हो गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कलेक्टर की कार्यशैली को जनहितैषी और प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि रीवा जिले की प्रशासनिक व्यवस्था वर्षों से शिथिल थी। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति नहीं होती थी और आम लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए महीनों चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के पदभार संभालने के बाद, प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी से बदलाव दिखाई देने लगा है।
प्रमुख बिंदु:
- कलेक्टर द्वारा औचक निरीक्षण, जनसुनवाई, और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाइयों से सरकारी कार्यालयों में अनुशासन बढ़ा है।
- कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचने लगे हैं और लंबित मामलों का निराकरण तेजी से हो रहा है।
- कुछ अधिकारी और कर्मचारी, जो वर्षों से मनमानी कार्यशैली के अभ्यस्त हैं, अब सख्ती से असहज महसूस कर रहे हैं।
ज्ञापन में यह मांग की गई है कि कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को उनके पूर्ण तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा करने दिया जाए। साथ ही, राजनीतिक या दबाव आधारित शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल कार्रवाई न की जाए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता स्थापित करने के लिए ईमानदारी से कार्य कर रहे अधिकारियों को शासन का संरक्षण और सहयोग मिलना चाहिए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, कमिश्नर रीवा संभाग एवं कलेक्टर रीवा को भी भेजी गई है।
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