एनीमिया जैसी गंभीर समस्या को जड़ से मिटाने के संकल्प के साथ भारत सरकार द्वारा संचालित 'एनीमिया मुक्त भारत' कार्यक्रम अब देश भर में अपनी सफलता के झंडे गाड़ रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश की सक्रियता और बेहतर प्रबंधन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राज्य ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को बरकरार रखने और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाल ही में सागर जिले के राहतगढ़ ब्लॉक में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय निरीक्षण किया गया।

राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग टीम के प्रमुख डॉ. उमेश शर्मा ने राहतगढ़ ब्लॉक का दौरा कर कार्यक्रम की प्रगति और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया। यह भ्रमण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ब्लॉक स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक और समीक्षा

भ्रमण के दौरान डॉ. उमेश शर्मा ने ब्लॉक स्तर के महत्वपूर्ण अधिकारियों के साथ एक गहन समीक्षा बैठक की। इस बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO), ब्लॉक कम्युनिटी मैनेजर (BCM) एवं ब्लॉक स्टोर इंचार्ज विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • HMIS रिपोर्टिंग: कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति जानने के लिए स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) की रिपोर्टिंग पर विस्तृत चर्चा की गई ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे।

  • सप्लाई चेन प्रबंधन: दवाओं की उपलब्धता और वितरण श्रृंखला को और अधिक प्रभावी बनाने पर मंथन किया गया।

  • अंतिम छोर तक पहुंच: डॉ. शर्मा ने विशेष रूप से जोर दिया कि दवाओं और पोषण संबंधी सामग्री का वितरण 'लास्ट माइल' यानी अंतिम लाभार्थी तक बिना किसी बाधा के नियमित रूप से पहुंचना चाहिए।

अस्पताल और उमंग सेंटर का निरीक्षण

बैठक के पश्चात डॉ. शर्मा ने सिविल अस्पताल राहतगढ़ के स्टोर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दवाओं के स्टॉक, भंडारण की स्थिति और उनके रख-रखाव की बारीकी से जांच की। इसके अलावा, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित 'उमंग सेंटर' का भी भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक और अत्यधिक सुव्यवस्थित पाई गईं। डॉ. शर्मा ने इस पर ब्लॉक अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी प्रकार का अनुशासन आगे भी बनाए रखने की आवश्यकता है। साथ ही, उन्होंने पिछले बैठकों के कार्यवृत्त (Minutes) और रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया, जिसे उन्होंने पूर्ण और सटीक पाया।

विभागवार समन्वय की रणनीति

भ्रमण के दौरान डॉ. शर्मा ने कार्यक्रम को और अधिक धार देने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ब्लॉक समन्वय समिति की बैठकों में एसडीएम की अध्यक्षता में कार्यक्रम की निरंतर समीक्षा की जानी चाहिए। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय होना अत्यंत अनिवार्य है। जब ये तीनों विभाग मिलकर काम करेंगे, तो मॉनिटरिंग और भी अधिक प्रभावी होगी और एनीमिया मुक्त भारत का सपना जल्दी साकार हो सकेगा।

एविडेंस एक्शन इंडिया की भूमिका और आंगनबाड़ी का दौरा

इस निरीक्षण के दौरान एविडेंस एक्शन इंडिया के क्षेत्रीय समन्वयक हुसैन खान भी मौजूद रहे। उन्होंने मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय उपलब्धि का जिक्र करते हुए कहा कि, "पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करना हमारे लिए गर्व की बात है, लेकिन इस उपलब्धि को बचाए रखने के लिए सतत और समन्वित प्रयासों की दरकार है।"

टीम ने अंत में ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का भी सघन भ्रमण किया। आंगनबाड़ी स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण संबंधित व्यवस्थाएं सुचारु पाई गईं। इसी दौरान, टीम ने जिला स्तर पर जिला टीकाकरण अधिकारी और जिला स्टोर इंचार्ज के साथ बैठक की, जहां अभिलेखों का अवलोकन कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

यह संपूर्ण भ्रमण सागर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। यदि इसी प्रकार की निरंतर निगरानी और समन्वय बना रहा, तो एनीमिया मुक्त भारत का लक्ष्य दूर नहीं है।

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