सागर, मध्य प्रदेश: सागर जिले में शहरी विकास कार्यों को गति देने, नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने और विकास परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभागीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता सागर जिले की कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने की। बैठक के दौरान कलेक्टर ने शहरी विकास से जुड़े 12 मुख्य एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और सभी नगरीय निकायों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीएमओ) तथा अभियंताओं (इंजीनियरों) को सख्त हिदायत दी कि वे अपने-अपने निकायों में नियमित रूप से स्थल निरीक्षण (Field Visit) करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस वृहद समीक्षा बैठक में सागर जिले की शहरी विकास योजनाओं और आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए और दिशा-निर्देश जारी किए गए। कार्यक्रम का विस्तृत विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर है:
1. बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी एवं निकायवार समीक्षा
शहरी विकास से संबंधित इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रशासन और नगरीय प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से संयुक्त कलेक्टर एवं परियोजना अधिकारी (पीओ) डूडा श्री विजय डेहरिया, नगरीय प्रशासन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर श्री नायक, सागर नगर निगम के निगमायुक्त श्री राजकुमार खत्री, अधिकारी सचिन मसीह के साथ-साथ जिले के समस्त नगरीय निकायों के सीएमओ और अभियंताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने जिले के 12 मुख्य एजेंडा बिंदुओं के आधार पर एक-एक करके सभी नगरीय निकायों की निकायवार प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगर पालिक निगम सागर, मकरोनिया, बीना, खुरई, रहली, गढ़ाकोटा, बण्डा, मालथौन, राहतगढ़, बांदरी, शाहगढ़, बिलहरा, सुरखी, बरोदिया कला, कर्रापुर, देवरी और शाहपुर नगरीय निकायों के कार्यों की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए।
2. निर्माण कार्यों की समय-सीमा एवं मानसून पूर्व तैयारियां
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न नगरीय निकायों के अंतर्गत स्वीकृत 'मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास कार्यों' सहित अन्य सभी प्रगतिरत परियोजना कार्यों की अत्यंत सूक्ष्मता से समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित नगरीय निकाय के सीएमओ एवं अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
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सभी प्रगतिरत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए।
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आगामी मानसून सत्र को ध्यान में रखते हुए नाला निर्माण, सड़क निर्माण एवं जल संरचनाओं से जुड़े सभी कार्य बारिश शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को जलभराव या आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
3. नियमित स्थल निरीक्षण और फील्ड विजिट की अनिवार्यता
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और जमीनी हकीकत से रूबरू होने के लिए नियमित स्थल निरीक्षण पर विशेष जोर दिया।
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उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकायों के सीएमओ एवं इंजीनियर अपने-अपने निकाय क्षेत्रों का नियमित रूप से भ्रमण करें।
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फील्ड इंजीनियर और टेक्निकल टीम को निर्देशित किया गया कि वे किसी भी परियोजना कार्य को केवल कागजों पर न देखें, बल्कि मौके (साइट) पर खड़े होकर अपनी निगरानी में कार्यों को पूर्ण कराएं।
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कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निकाय में प्रतिदिन स्थल निरीक्षण और फील्ड विजिट करने से न केवल निर्माण कार्यों को बेहतर गुणवत्ता के साथ समय पर पूर्ण कराया जा सकेगा, बल्कि अधिकारी सीधे तौर पर नागरिकों से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं और समस्याओं से भी अवगत हो सकेंगे।
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इससे अधिकारियों और नागरिकों के बीच सीधा जुड़ाव बढ़ेगा, नागरिक सुविधाओं में और अधिक सुधार होगा, जिसका सीधा और सकारात्मक लाभ संबंधित निकाय की स्वच्छता रैंकिंग से जुड़ी गतिविधियों में भी देखने को मिलेगा।
4. स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-2026: नागरिक फीडबैक और रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था
स्वच्छता के क्षेत्र में सागर जिले को अग्रणी बनाने के लिए बैठक में विशेष रणनीति पर चर्चा की गई। भारत सरकार के राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत मिशन' के अंतर्गत आगामी 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-2026' की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए:
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सिटीजन फीडबैक: आगामी सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक (Citizen Feedback) के अंक रैंक निर्धारण में एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए, सभी निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सिटीजन फीडबैक सुनिश्चित कराने का हर संभव प्रयास करें।
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रैंकिंग में सुधार और नवाचार: सभी नगरीय निकाय समुचित तैयारियों के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करें। पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में प्राप्त राष्ट्रीय रैंक से इस बार जिले को और अधिक आगे लेकर आना है। इसके लिए अपने-अपने निकायों में नए नवाचार (Innovations) करें और स्वच्छता के प्रत्येक मापदंड पर खरे उतरने का प्रयास करें।
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रात्रिकालीन रोड स्वीपिंग: रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि बाजार क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाए। रात्रि की सफाई व्यवस्था इतनी दुरुस्त होनी चाहिए कि यदि रात के दो बजे भी कोई व्यक्ति शहर से गुजरता है, तो उसे हमारा शहर पूरी तरह से साफ-स्वच्छ एवं कचरा मुक्त दिखाई दे। तभी हमारी सफाई व्यवस्थाओं की असली सार्थकता सिद्ध होगी।
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कचरा वाहनों की मॉनिटरिंग: शहर में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को और भी अधिक प्रभावी बनाया जाए। कचरा कलेक्शन वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी (ICCC - Integrated Command and Control Centre) के माध्यम से की जा रही है। इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाए ताकि सार्वजनिक स्थल और सड़कें पूरी तरह कचरा मुक्त बन सकें।
5. सागर नगर निगम: प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मास्टर प्लान सड़कें
सागर नगर निगम सीमा के अंतर्गत चल रही विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं, विशेषकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) और अमृत योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
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पीएमएवाई (PMAY): ईडब्ल्यूएस (EWS), एलआईजी (LIG) और एमआईजी (MIG) श्रेणी के प्लॉट एवं मकानों के आवंटन में प्रशासनिक स्तर पर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनका निराकरण शीघ्रातिशीघ्र किया जाए ताकि हितग्राही नागरिकों को जल्द से जल्द लाभान्वित किया जा सके।
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बीएलसी घटक: बीएलसी घटक के तहत बन रहे मकानों के निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जाए ताकि शहर के जरूरतमंद लोगों को अपने पक्के मकान की सुविधा प्राप्त हो सके।
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मेजर रोड्स का निर्माण: शहर के मास्टर प्लान के आधार पर ऐसी प्रमुख (मेजर) सड़कों का चयन कर उनके निर्माण का कार्य हाथ में लिया जाए, जिनसे अधिक से अधिक शहरी आबादी को सीधा लाभ मिल सके।
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सीवर परियोजना: सीवर परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि शहर के जो भी क्षेत्र वर्तमान में इस परियोजना में शामिल होने से रह गए हैं, उन्हें भी तत्काल सीवर नेटवर्क से जोड़ने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
6. बीना, खुरई, रहली और मकरोनिया के लिए विशेष दिशा-निर्देश
जिले के अन्य प्रमुख नगरीय निकायों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निकायवार विशिष्ट निर्देश दिए:
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बीना: बीना शहर में पेयजल सप्लाई नेटवर्क परियोजना कार्य, पेयजल ओवरहेड टैंकों का निर्माण कार्य और ग्रीन स्पेस डेवलपमेंट (हरित क्षेत्र विकास) आदि कार्यों को आगामी तीन माह की सख्त समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
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खुरई: खुरई में कायाकल्प परियोजना 1 एवं 2 के अंतर्गत चल रहे प्रगतिरत परियोजना कार्यों, नई पेयजल लाइनों को बिछाने, पार्क निर्माण, तथा डामर एवं सीसी (CC) रोड निर्माण कार्यों के शेष बचे हुए कार्यों को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।
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रहली: रहली में नदी के घाटों का निर्माण, रिटेनिंग वॉल (Retaining Wall) का निर्माण एवं अन्य अत्यंत आवश्यक कार्य हर हाल में मानसून आने से पूर्व पूरे कर लिए जाएं।
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मकरोनिया: मकरोनिया क्षेत्र में झील रिजुवनेशन (Lake Rejuvenation) व अन्य महत्वपूर्ण परियोजना कार्यों सहित समस्त नगरीय निकायों में प्रगतिरत एवं डीपीआर (DPR) स्तर के परियोजना कार्यों को पूरी गति के साथ आगे बढ़ाने और समय पर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री (नगरीय प्रशासन) को निर्देशित किया कि वे स्वयं मौके पर जाकर देखें और बारिश से पहले कार्यों को सम्पन्न कराएं। साथ ही कहा गया कि जो परियोजनाएं विगत एक-दो या अधिक वर्षों से निर्माणाधीन हैं या जिनकी कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा अत्यंत नजदीक है या समाप्त हो गई है, उन्हें संबंधित अधिकारी स्वयं जाकर भौतिक रूप से जांचें, समस्याओं का त्वरित निराकरण कराएं क्योंकि कार्यों को पूर्ण कराना ही अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
7. अमृत 2.0 योजना, जल संवर्धन और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक के अंतिम चरण में जल प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई:
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अमृत योजना एवं पेयजल: अमृत योजना के अंतर्गत वॉटर सप्लाई कार्य में तेजी लाई जाए और समय से नागरिकों को शुद्ध पेयजल की सुविधा प्रदान कर नगरीय निकायों में पेयजल सप्लाई को और सुदृढ़ बनाया जाए। अमृत 2.0 योजना एवं जल संवर्धन अभियान के सभी कार्य समय से पूरे हों। कलेक्टर ने इच्छा जताई कि जल संरचनाओं के संरक्षण व जल संवर्धन के मामले में सागर जिला पूरे प्रदेश में अग्रणी बने।
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राशि का सदुपयोग: शासन द्वारा विभिन्न विकास योजनाओं एवं परियोजनाओं के माध्यम से नागरिक हित में बेहतर सुविधाएं विकसित करने के लिए जो राशि आवंटित की गई है, उसका शत-प्रतिशत और समुचित उपयोग समय पर किया जाए, यह सभी निकाय अधिकारी सुनिश्चित करें।
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जलभराव की समस्या का निदान: आगामी मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से न जूझना पड़े, इसके लिए अभी से शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर लिया जाए। वहां नाले-नालियों की सघन सफाई कराई जाए तथा सुचारू जल निकासी व्यवस्था हेतु नाले-नालियों के नेटवर्क का निर्माण व सुधार कार्य दुरुस्त कराएं जाएं।
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अन्य समीक्षाएं: बैठक में शहर के जर्जर भवनों का चिन्हांकन कर उन पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करने, आगामी जनगणना कार्य की प्रारंभिक प्रगति, और सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में दर्ज शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण आदि विषयों की भी विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
Image Source :https://sagar.mpinfo.org
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