सतना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देशानुसार, सतना शहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत संचालित समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की साप्ताहिक समीक्षा और ऑन-साइट प्रशिक्षण अभियान का शनिवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अनूठी पहल का लक्ष्य न केवल कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन करना है, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल पर ही प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता का संवर्धन करना भी है।
अभियान के मुख्य उद्देश्य
इस साप्ताहिक अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक समीक्षा बैठक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के कायाकल्प की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अभियान के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:
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सेवाओं में सुधार: स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना।
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क्षमता संवर्धन: जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना।
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गुणवत्ता सुनिश्चित करना: आमजन को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना।
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नियमित मॉनिटरिंग: प्रत्येक शनिवार को समीक्षा बैठक आयोजित कर कार्यक्रमों की प्रगति का मूल्यांकन करना।
बैठक में प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी और मैदानी अमला उपस्थित रहा:
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अधिकारी: जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नलिनी शुक्ला, शहरी नोडल अधिकारी डॉ. विनीत गुप्ता, जिला क्षय अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा, एपीएम सुधेश शुक्ला, गीता मिश्रा, विक्रम प्रजापति एवं अभिषेक सिंह।
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मैदानी अमला: सतना शहरी क्षेत्र के सेक्टर चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, आशा कार्यकर्ता और सुपरवाइजरों ने इसमें सक्रिय सहभागिता निभाई।
ऑन-साइट प्रशिक्षण: समस्याओं का त्वरित समाधान
समीक्षा के दौरान जिन क्षेत्रों में तकनीकी या व्यावहारिक कठिनाइयाँ सामने आईं, वहां जिला नोडल अधिकारियों ने तत्काल कार्यस्थल पर प्रशिक्षण (ऑन-साइट ट्रेनिंग) प्रदान किया। इससे स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने में मदद मिली। यह नवाचार यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके।
सीएमएचओ डॉ. शुक्ला ने निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह के भीतर सतना शहरी क्षेत्र के सभी प्रमुख संकेतकों में अपेक्षित सुधार नजर आना चाहिए। यह प्रक्रिया अब एक नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएगी ताकि कार्यक्रमों की निरंतर निगरानी हो सके।
किन कार्यक्रमों पर रहा विशेष ध्यान?
बैठक में विस्तृत समीक्षा और प्रशिक्षण के लिए निम्नलिखित प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को शामिल किया गया:
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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य: अनमोल पोर्टल, कुल एएनसी पंजीयन, प्रथम तिमाही एएनसी पंजीयन, चार एएनसी जांच, मातृ एवं शिशु मृत्यु समीक्षा (MMR/IMR), एचबीएनसी और परिवार नियोजन।
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बीमारी नियंत्रण: एनसीडी (गैर-संचारी रोग) कार्यक्रम, मीजल्स आउटब्रेक प्रबंधन और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम।
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पोर्टल एवं डेटा: आशा पोर्टल, एचएमआईएस (HMIS) और नियमित टीकाकरण अपडेटेशन।
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अन्य: पीआईपीवी, मध्यम एवं गंभीर एनीमिया की पहचान एवं प्रबंधन तथा डीपीडीआई सर्विलेंस।
भविष्य की राह और लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि नियमित समीक्षा और ऑन-साइट प्रशिक्षण से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में न केवल गति आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी बढ़ेगा। इस पहल से सतना जिले में स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार होने की प्रबल संभावना है। अब हर शनिवार को समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की कार्यक्षमता का विकास होगा और स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह से जवाबदेह एवं सजग बनेगा।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि सतना प्रशासन अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Image Source: https://satna.mpinfo.org
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