सतना: 'विकसित भारत @2047' के व्यापक और दूरदर्शी लक्ष्य को प्राप्त करने के संकल्प के साथ, सतना जिले में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM-G) के शुभारंभ का जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पंचायत सतना के सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सरकारी योजना का आरंभ था, बल्कि यह ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और आजीविका के नए अवसरों को धरातल पर उतारने की एक सुनियोजित पहल बनी। इस गरिमामय आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने एक स्वर में आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की भव्य शुरुआत और मुख्य अतिथि का संबोधन

इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में चित्रकूट के विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सुष्मिता सिंह परिहार द्वारा की गई।

विधायक श्री गहरवार ने अपने संबोधन में कहा कि 'वीबी-जी-रामजी' मिशन का उद्देश्य ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के निर्माण में गांवों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। जब तक हमारा ग्रामीण क्षेत्र आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर नहीं होगा, तब तक भारत के विकसित होने का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों को सरकार की रोजगारपरक योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि हर हाथ को काम और हर घर को स्वावलंबन मिले।

लाइव प्रसारण और साझा दृष्टिकोण

कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया, जिसके माध्यम से स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिशन के लक्ष्यों और दिशा-निर्देशों को सीधे तौर पर समझा। इस प्रसारण ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को मिशन की व्यापकता और उसकी भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया।

बैठक में उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शैलेन्द्र सिंह ने मिशन के क्रियान्वयन के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों में इस मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। सोहावल, नागौद, उचेहरा और रामपुर बाघेलान जैसे विभिन्न विकासखंडों के सीईओ की उपस्थिति यह दर्शाती है कि जिला प्रशासन इस मिशन को पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए तैयार है।

ग्रामीण रोजगार और आजीविका पर गहन चर्चा

कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु 'ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका संवर्धन' रहा। इस मिशन के तहत निम्नलिखित पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई:

  • रोजगार के नए अवसर: ग्रामीण युवाओं और श्रमिकों के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के साधनों को विकसित करना।

  • आजीविका का विस्तार: कृषि, पशुपालन, और कुटीर उद्योगों के माध्यम से आय के स्थायी स्रोतों का निर्माण करना।

  • प्रभावी क्रियान्वयन: केंद्र एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी बाधा के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना।

  • जनभागीदारी: विकास कार्यों में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना ताकि योजनाएं उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों।

जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति

इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने मिशन को और अधिक बल प्रदान किया। जिला पंचायत सभापति श्री रमाकांत पायसी, श्री ज्ञानेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री संजय सिंह, श्रीमती आरती चौधरी और श्रीमती एकता सिंह ने ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि सरकारी योजनाओं का सफल होना जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों के समन्वित प्रयासों पर निर्भर करता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सतना जिले को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में अग्रणी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।

आत्मनिर्भर भारत का संकल्प

कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और समाज के प्रबुद्ध वर्ग ने यह प्रतिज्ञा ली कि वे 'विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध ग्रामीण भारत' के स्वप्न को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

यह कार्यक्रम स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि सतना जिला प्रशासन अब मिशन मोड में कार्य करने के लिए तैयार है। आने वाले समय में, वीबी-जी-रामजी मिशन के अंतर्गत शुरू की जाने वाली गतिविधियां न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेंगी, बल्कि यह उन परिवारों के लिए आशा की नई किरण लेकर आएंगी जो अभी भी विकास की मुख्यधारा से दूर हैं। सतना जिले का यह आयोजन पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगा, जहां शासन और प्रशासन मिलकर एक विकसित राष्ट्र की नींव मजबूत करने में जुटे हैं।

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