आमला। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित "सेफ क्लिक–2.0" अभियान के तहत थाना आमला पुलिस ने गुरुवार को सेंट थॉमस स्कूल के मंगल भवन में व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिन्हें इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के साथ-साथ बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपाय बताए गए।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश ठाकुर, उपनिरीक्षक बलराम यादव एवं प्रधान आरक्षक कमलेश धुर्वे ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड स्कैम, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया फ्रॉड सहित विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने समझाया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज, लिंक या वीडियो कॉल पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना करना पड़े तो समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें तथा cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को सेफ क्लिक–2.0 अभियान के जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए। साथ ही उन्हें अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया, ताकि समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित बनाया जा सके।

थाना आमला पुलिस ने विद्यार्थियों से अपील की कि "सोच-समझकर क्लिक करें, सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।" यही सावधानी साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।