विदिशा जिले के युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं के प्रति प्रेरित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शासकीय आदर्श महाविद्यालय, जम्बार बागरी विदिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आज 20 जुलाई से 25 जुलाई 2026 तक छह दिवसीय विशेष कार्यशाला "प्रशासनिक अधिकारी कैसे बनें" का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्रिंसिपल श्री ब्रह्मदीप अलूने ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया है कि यह आयोजन स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों के भीतर प्रशासनिक समझ को विकसित करना और उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के तौर-तरीकों से पूरी तरह अवगत कराना है।

कार्यशाला की रूपरेखा और वक्ताओं का विवरण

यह छह दिवसीय कार्यशाला पूरी तरह से संरचित और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ अपने बहुमूल्य अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे।

  • प्रथम दिवस (उद्घाटन सत्र - 20 जुलाई): कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार को गरिमाममय तरीके से किया गया। उद्घाटन सत्र में डिप्टी कलेक्टर श्री मोतीलाल अहिरवार तथा सहायक कुलसचिव डॉ. पुनीत शुक्ला ने विशेष रूप से शिरकत की। इन अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवाओं में सफलता हासिल करने के लिए आवश्यक रणनीति, सही अध्ययन पद्धति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विद्यार्थियों का विस्तृत मार्गदर्शन किया। इस उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार द्वारा की गई।

  • द्वितीय दिवस (21 जुलाई - पुलिस एवं प्रशासनिक अनुभव): कार्यशाला के दूसरे दिन पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) भोपाल में पदस्थ निरीक्षक दीपिका गौतम विद्यार्थियों से सीधा संवाद करेंगी। उनके साथ इस सत्र में निरीक्षक भूर सिंह चौहान भी उपस्थित रहेंगे, जो प्रशासनिक एवं पुलिस सेवा से जुड़े अपने जमीनी अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे।

  • तृतीय दिवस (22 जुलाई - न्यायिक और प्रशासनिक सेवा): तीसरे दिन जिला अभियोजन अधिकारी जे.एस. तोमर विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। वे न्यायिक एवं प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे।

  • चतुर्थ दिवस (23 जुलाई - कृषि एवं विकास क्षेत्र): कार्यशाला के चौथे दिन उपसंचालक कृषि संजय जैन का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। वे प्रशासनिक क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न अवसरों, आने वाली चुनौतियों और प्रशासनिक कार्यशैली के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालेंगे।

  • पंचम दिवस (24 जुलाई - व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व): पांचवें दिन प्रसिद्ध समाजसेवी एवं प्रशासनिक विषयों के विशेषज्ञ डॉ. विमल गर्ग विद्यार्थियों के बीच होंगे। वे व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, उत्कृष्ट संवाद कौशल और एक सही प्रशासनिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सुझाव देंगे।

  • षष्ठम दिवस (अंतिम दिन - 25 जुलाई - रोजगार मेला): कार्यशाला के अंतिम दिन रोजगार कार्यालय के सहयोग से एक भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दिन विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्र के रोजगार अवसरों, कैरियर के नए विकल्पों तथा सरकार की रोजगारोन्मुख योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला का व्यापक उद्देश्य

महाविद्यालय प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस छह दिवसीय कार्यशाला का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक तैयारी के लिए तैयार करना है। इसके साथ ही इसका उद्देश्य युवाओं में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता का संचार करना और उन्हें रोजगार संबंधी संभावनाओं से पूरी तरह अवगत कराना है। विदिशा जिले के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के इस कार्यक्रम में शामिल होने की प्रबल संभावना है।

माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली निरीक्षक दीपिका गौतम बनेंगी युवाओं की प्रेरणा

शासकीय आदर्श महाविद्यालय, विदिशा में आयोजित होने वाली इस छह दिवसीय कार्यशाला का दूसरा दिन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा, जब पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ निरीक्षक दीपिका गौतम युवाओं का मार्गदर्शन करेंगी। हाल ही में उन्होंने अपनी मेहनत और अदम्य साहस के बल पर अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक आरोहण किया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया है।

प्रेरणादायक व्यक्तित्व और संघर्ष यात्रा

दीपिका गौतम देश और प्रदेश की उन चुनिंदा महिला अधिकारियों में मजबूती से शुमार हैं, जिन्होंने अपनी कठिन प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए साहसिक खेलों और पर्वतारोहण के क्षेत्र में भी अत्यंत उल्लेखनीय मुकाम हासिल किया है। उनका पूरा जीवन अनुशासन, कठिन परिश्रम, अटूट आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प का एक जीवंत और प्रेरक उदाहरण माना जाता है।

संवाद कार्यक्रम के दौरान वे विद्यार्थियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगी। वे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की सही तैयारी, सटीक समय प्रबंधन, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास के निर्माण और जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त करने के अपने निजी अनुभव साझा करेंगी। इसके अलावा, वे माउंट किलिमंजारो अभियान के दौरान आने वाली प्राकृतिक चुनौतियों, शारीरिक बाधाओं और उन्हें सफलतापूर्वक पार करने की अपनी रोमांचक एवं प्रेरक यात्रा से भी विदिशा के युवाओं को रूबरू कराएंगी।

युवाओं में नई ऊर्जा का संचार

महाविद्यालय प्रशासन का यह दृढ़ विश्वास है कि दीपिका गौतम जैसी प्रेरणादायी और साहसी अधिकारी का सीधा संवाद विद्यार्थियों के मन में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति एक नई ऊर्जा और अभूतपूर्व उत्साह का संचार करेगा। उनके ये अनुभव विदिशा के युवाओं को यह कड़ा संदेश देंगे कि यदि मन में स्पष्ट लक्ष्य हो, निरंतर और सच्ची मेहनत करने का जज्बा हो तथा अटूट आत्मविश्वास हो, तो इंसान अपनी मेहनत के बल पर जीवन की किसी भी बड़ी से बड़ी ऊंचाई को आसानी से हासिल कर सकता है।

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