विदिशा : ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास और प्रत्येक पात्र परिवार को रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प के साथ, विदिशा जिले के विकासखंड लटेरी स्थित ग्राम पंचायत उनारसीकला में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (VB-G RAM-G) का भव्य शुभारंभ किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में सिरोंज के लोकप्रिय विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और ग्रामीणों के साथ संवाद कर सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की बारीकियों को साझा किया।
यह कार्यक्रम न केवल एक सरकारी योजना का शुभारंभ था, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।
मिशन का उद्देश्य और ग्रामीणों के लिए महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने कहा कि 'वीबी-जी राम-जी' मिशन ग्रामीण अंचलों में रोजगार के नए और टिकाऊ अवसर सृजित करने का एक व्यापक ढांचा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मिशन का मूल उद्देश्य केवल मजदूरी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि आजीविका के साधनों को इतना मजबूत बनाना है कि हर ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सके।
उन्होंने बताया कि सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी पात्र परिवार रोजगार से वंचित न रहे। इस मिशन के माध्यम से ग्रामीणों को कौशल विकास, स्वरोजगार के अवसर और स्थानीय स्तर पर ही आजीविका संवर्धन के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विधायक ने कहा कि उनारसीकला जैसी ग्राम पंचायतों में इस मिशन के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को एक नई गति मिलेगी।
योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान
विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने उपस्थित ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने अधिकारों और शासन द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक रहें और इनका भरपूर लाभ उठाएं।
उन्होंने जोर देकर कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। जब गांव का किसान और श्रमिक मजबूत होगा, तभी देश की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।" विधायक ने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे कृषि आधारित कार्यों के साथ-साथ स्वरोजगार और लघु उद्योगों की ओर भी कदम बढ़ाएं, जिसमें यह मिशन उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में प्रमुख बिंदु और क्रियान्वयन
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने 'वीबी-जी राम-जी' मिशन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं में निम्नलिखित शामिल रहे:
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आजीविका संवर्धन: ग्रामीणों को खेती के अतिरिक्त अन्य आय के स्रोतों, जैसे पशुपालन, बागवानी और कुटीर उद्योगों से जोड़ना।
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महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना।
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कौशल विकास: ग्रामीण युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करना ताकि वे स्थानीय स्तर पर या बाजार की मांग के अनुरूप रोजगार प्राप्त कर सकें।
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सामुदायिक सहभागिता: ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना।
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प्रभावी संचालन: अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ग्राम स्तर पर योजनाओं की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।
संकल्प से सिद्धि का मार्ग
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ काम करने और शासन की योजनाओं में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस दौरान ग्राम पंचायत उनारसीकला के परिसर में एक सकारात्मक माहौल देखा गया, जहां ग्रामीणों ने इस नई पहल का स्वागत किया। इस मिशन के माध्यम से न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि गांवों में आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार की उम्मीद जगी है।
'वीबी-जी राम-जी' मिशन का यह आयोजन स्पष्ट करता है कि सरकार अब 'ग्रामीण अर्थव्यवस्था' को नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
image source : https://vidisha.mpinfo.org
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