बल्देवगढ़ नगर में चल रहे निर्माण कार्य अब विकास नहीं बल्कि खुलेआम भ्रष्टाचार का प्रतीक बनते जा रहे हैं। नगर में आरसीसी नाली निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं को लेकर पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप सिंह पायक ने न केवल प्रशासनिक अधिकारियों बल्कि ठेकेदार और जिम्मेदार इंजीनियरों पर भी सीधा हमला बोला है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर परिषद अध्यक्ष स्वयं भाजपा के कोटे से हैं, इसके बावजूद भाजपा के ही पूर्व मंडल अध्यक्ष द्वारा सार्वजनिक रूप से भ्रष्टाचार की पोल खोली जा रही है। इससे साफ है कि नगर में हालात कितने गंभीर और बेकाबू हो चुके हैं।
20 साल पुरानी नालियों में ही “नई नालियों” का दिखावा
पूर्व मंडल अध्यक्ष संदीप सिंह पायक ने सोशल मीडिया पर आरसीसी नाली निर्माण का वीडियो वायरल करते हुए आरोप लगाया कि ठेकेदार द्वारा 20 वर्ष पूर्व निर्मित पुरानी नालियों में ही नई नालियों की सीसी डालकर खानापूर्ति की जा रही है। जनता के टैक्स का पैसा इस तरह मिट्टी में नहीं, बल्कि सीधे भ्रष्टाचार की जेबों में डाला जा रहा है।
मानकों की खुलेआम धज्जियां, सरिया भी चोरी
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य में जहां तकनीकी मानकों के अनुसार 8 सरियों का उपयोग अनिवार्य है, वहां केवल 6 सरिया लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, सरियों के बीच की निर्धारित दूरी 6 इंच होनी चाहिए, लेकिन मौके पर 1 फुट या उससे भी अधिक दूरी रखी जा रही है। यह सीधा-सीधा जानबूझकर की गई घटिया निर्माण प्रक्रिया है।
सीएमओ–इंजीनियर गायब, ठेकेदार बेलगाम
संदीप सिंह पायक ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थलों पर न तो नगर परिषद के सीएमओ और न ही संबंधित इंजीनियर कभी निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि ठेकेदार को खुली छूट दे दी गई है और पूरा तंत्र मिलीभगत से काम कर रहा है।
भ्रष्टाचार की मजबूत चेन, जांच हुई तो करोड़ों का घोटाला निकलेगा
पूर्व मंडल अध्यक्ष ने कहा कि सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार की मजबूत सांठगांठ से नगर में भ्रष्टाचार की नालियां बह रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि बल्देवगढ़ नगर में पिछले वर्षों में हुए सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, तो कई करोड़ रुपये के घोटाले सामने आ सकते हैं।
जनता के पैसों से खेल, जवाबदेही तय हो
संदीप सिंह पायक ने सवाल उठाया कि जब नगर परिषद भाजपा के नेतृत्व में है, तो फिर भ्रष्टाचार पर लगाम क्यों नहीं लग रही? उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल जांच बैठाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।