श्मशान घाटों के विकास पर विधायक अर्चना चिटनिस का विशेष ध्यान
बुरहानपुर: विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने श्मशान को जीवन का सबसे बड़ा सत्य बताया। उन्होंने कहा कि यह वह स्थान है जहाँ अमीर-गरीब, ऊँच-नीच और भेदभाव की सभी सीमाएँ समाप्त हो जाती हैं। यह स्थान जीवन की सच्चाई का बोध कराने वाला और मनुष्य के अहंकार को समाप्त करने वाला सबसे बड़ा गुरु है।
लालबाग क्षेत्र स्थित चिंचाला श्मशान घाट के विकास के लिए श्रीमती चिटनिस ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, नगर निगम अधिकारियों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ निरीक्षण किया और आवश्यक विकास कार्यों के शीघ्र प्रारंभ के निर्देश दिए।
श्मशान घाट का महत्व
श्रीमती चिटनिस ने श्मशान घाट को केवल अंतिम संस्कार का स्थान नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और संस्कारों से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थान को सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुनियोजित और हरित परिसर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
विकास कार्यों की पहल
- चिंचाला श्मशान घाट के विकास के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों के वर्क ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 12 लाख 50 हजार रुपए की लागत से शेड निर्माण का कार्य शामिल है।
- श्मशान परिसर में विद्युत पोल एवं विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
नगर वन की योजना
श्रीमती चिटनिस ने बताया कि चिंचाला श्मशान के पीछे लगभग 4.5 हेक्टेयर क्षेत्र में नगर वन विकसित करने की योजना स्वीकृत हो चुकी है। यह नगर वन समाज की भागीदारी से विकसित किया जाएगा, जहाँ नागरिक अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण कर सकेंगे।
जनभागीदारी से होगा रखरखाव
विधायक ने कहा कि श्मशान घाटों का विकास तभी स्थायी होगा जब समाज भी इसके रख-रखाव में अपनी जिम्मेदारी निभाए। इसके लिए श्मशान समिति का गठन कर दीर्घकालीन रख-रखाव की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया।
इस अवसर पर नगर निगमाध्यक्ष अनीता अमर यादव, नगर निगमायुक्त संदीप श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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