*शासकीय शिक्षक और शिक्षिका बने भू माफिया* 

*अमरनाथ गया परिवार लौटा तो घर पर माफियाओं का ताला जड़ा मिला*

उमरिया जिला मुख्यालय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां शासकीय शिक्षक पति पत्नी ने दबंग वकील के साथ मिलकर नवयुवक भतीजे के मकान का ही सौदा कर दिया। मामला कुछ इस तरह है कि उमरिया नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड नंबर 15 निवासी सौरभ तिवारी ने दिनांक 14 जुलाई को थाना कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि वह सपरिवार 1 जुलाई को अमरनाथ यात्रा पर गया हुआ था 13 जुलाई की रात्रि जब वह वापस अपने घर लौटता है जहां घर के एक हिस्से में लगे चैनल गेट पर लगा हुआ ताला बदला हुआ है सुबह उठकर देखा तो उसके चैनल गेट पर एक आशुतोष गुप्ता एडवोकेट नाम का फ्लेक्स चस्पा हुआ था। तभी कुछ समय बाद अंकुर उर्फ आशुतोष गुप्ता वहां पहुंचता है और बताता है यह घर मैने तुम्हारे फूफा रामभूषण तिवारी उनकी पत्नी निशा तिवारी से खरीद लिया है सौरभ उन्हें बताता है घर तो हमारा है खुद को शासकीय शिक्षक पति पत्नी द्वारा ठगे जाने का आभास होने के बाद आशुतोष गुप्ता ने दिनांक 15 जुलाई को मनगढ़ंत शिकायत थाना कोतवाली में कर कुछ वकीलों के साथ पहुंचकर जबरदस्ती पीड़ित पर ही मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगा। 


 *शासकीय शिक्षक पति पत्नी की माफियागिरी* 

 शासकीय शिक्षक राम भूषण तिवारी  ग्राम  तामननारा एवं पत्नी निशा तिवारी कॉलरी स्कूल उमरिया में पदस्थ हैं आशुतोष गुप्ता के मुताबिक उसने यह मकान रामभूषण और निशा तिवारी से ही क्रय किया है तो अब सवाल यह है  कि शासकीय शिक्षक निशा तिवारी और रामभूषण तिवारी ने (शासकीय)नजूल भूमि पर बने मकान का सौदा करके क्या अब माफियागिरी शुरू कर दी है जबकि सौरभ तिवारी की माने तो मकान उनका है ही नहीं उन्हें तो रिश्तेदारी में बुआ होने के कारण घर का उपरी हिस्सा कुछ समय रहने के लिए मांगने पर दिया गया था। अब जरूरत है मामले की विस्तृत जांच प्रशासन कराए और अगर आशुतोष गुप्ता को शासकीय कर्मचारियों ने शासकीय भूमि एवं मकान बेची हैं तो इनपर कानूनी और  विभागीय कार्यवाही की जाए।


 *कई चेहरे होंगे बेनकाब* 

वार्ड नंबर 15 में स्थित इस मकान में माफिया गिरी कर पुश्तैनी मकान को अवैध तरीके से खरीदने का दावा किया जा रहा है सूत्र बताते हैं इसमें कांग्रेस के एक नेता का हाथ है यही नहीं सौरभ तिवारी और उसकी पत्नी की माने तो उसे नेता पुत्र द्वारा धमकाया भी जा रहा है और अब तक कई बार घर भी आया है जिसका खुलासा वो जल्द ही पुलिस अधीक्षक से मिलकर करेंगे अब सवाल यह है कि सत्ता में ना रहते हुए कांग्रेस के नेताओं की यह माफिया गिरी आने वाले नगर पालिका चुनाव में जनता पर क्या असर डालेगी?

 

 *मनगढ़ंत झूठी शिकायत और वकालत का दबाव* 

आवेदक सौरभ तिवारी अपनी वृद्ध मां और पत्नी के साथ कलेक्टर महोदया के पास पहुंचे जहां उन्होंने आवेदन किया कि एडवोकेट आशुतोष गुप्ता गलत तरीके से उनके सब परिवार अमरनाथ जाने के बाद उनके फूफा से उसे घर का सौदा करता है और अब कब्जा मांग रहा है जबकि यह मकान उनका पुश्तैनी है सौरभ तिवारी और परिवार ने आवेदन में यह भी कहा है कि एडवोकेट आशुतोष गुप्ता खुद को राम भूषण तिवारी और निशा तिवारी द्वारा ठगे जाने के बाद घर पर कब्जा न मिलने के कारण उन पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं यही नहीं सौरभ की माने तो आशुतोष और उनके साथ आने वालों ने उन्हें वकालत की धमकी देते हुए कहा है कि हम तुमको देख लेंगे।