बारिश की बेरुखी से परेशान किसानों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, नर्मदा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का पानी तत्काल छोड़ने की मांग
रिपोर्टर: मुस्तकीम मुगल
आलीराजपुर | 17 जुलाई 2026जिले में लगातार बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है। खेतों में बोई गई सोयाबीन, मक्का, कपास और मूंगफली की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर नर्मदा लिफ्ट सिंचाई (उद्वहन सिंचाई) परियोजना का पानी तत्काल छोड़े जाने की मांग की।ज्ञापन में किसानों ने बताया कि जिले में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से अभी तक कई क्षेत्रों में बुवाई भी पूरी नहीं हो सकी है। जिन किसानों ने महंगा बीज और खाद खरीदकर समय पर बुवाई कर दी थी, उनकी फसलें अब नमी के अभाव में मुरझाने लगी हैं। यदि जल्द सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो हजारों किसानों की मेहनत और लाखों रुपये का निवेश बर्बाद हो सकता है।किसानों ने कहा कि तहसील अलीराजपुर के भानारावत, कवछू, बोराना, चौंगलावद, सेजा, खण्डाला, बड़ा उण्डवा, छोटा उण्डवा सहित आसपास के गांवों में नर्मदा लिफ्ट सिंचाई परियोजना की नहर और पाइपलाइन पहले से उपलब्ध है। ऐसे में यदि परियोजना का पानी तत्काल छोड़ा जाए तो खेतों तक सिंचाई पहुंचाकर फसलों को बचाया जा सकता है और सूखे जैसी स्थिति से राहत मिलेगी।ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) को तत्काल निर्देश जारी कर परियोजना का पानी छोड़ा जाए, ताकि खरीफ फसलों को समय पर सिंचाई मिल सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।इस दौरान किसानों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर अपनी मांग का समर्थन किया और प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। किसानों का कहना था कि यदि समय रहते पानी नहीं छोड़ा गया तो फसलें पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं, जिससे क्षेत्र के हजारों किसान आर्थिक संकट में आ जाएंगे।ज्ञापन सौंपने के दौरान जयस जिला अध्यक्ष अरविंद कनेश के साथ अरविंद सिंह कवटू, लालू किराड़, जनपद सदस्य प्रतिनिधि मुन्ना रावत (कवटू), भगवान (बोराना), वेल्या बछाल (कवछू), प्रवीण सिंह (बोराना), सुरेश (सेजा), रतन (कवटू), मालू किराड़ (कवटू), वेला किराड़, सूरजभान (बोराना), सुनील (बोराना), किरण (चौंगलावद), विश्वंभर (चौंगलावद), दिलू (बड़ा उण्डवा), रमेश (सेजा), दशरथ (खण्डाला), राहुल (खण्डाला), सुरपाल (बोराना), मुकलिया (बड़ा उण्डवा), धावर सिंह (बड़ा उण्डवा), सुखलाल (उण्डवा), बाला सिंह (बड़ा उण्डवा), काला सिंह (छोटा उण्डवा), बाबू (कवटू) सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन करने को भी मजबूर होंगे। उनका कहना है कि समय पर सिंचाई का पानी मिलना ही खरीफ फसलों को बचाने का एकमात्र विकल्प है।
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