मैहर शहर के रीवा बाईपास से कटनी बाईपास तक के शहरी क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ सामने आई हैं। इस सड़क के डामरीकरण में चुने की जगह सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जो कि न केवल तकनीकी मानकों के खिलाफ है, बल्कि यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण भी है।

स्थानीय लोगों का आरोप:

  • सड़क निर्माण में गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित नियमों की अनदेखी की जा रही है।
  • पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की मिलीभगत से ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं।
  • चुना के स्थान पर सीमेंट का उपयोग करना लागत में हेराफेरी का संकेत देता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दिनदहाड़े निर्माण स्थल पर नियमों को ताक पर रखकर सामग्री बदली जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी मौन साधे हुए हैं। यह सवाल उठता है कि क्या यह सब अधिकारियों की जानकारी और सहमति से हो रहा है?

इस घटिया निर्माण से भविष्य में सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ेगी और बार-बार मरम्मत के नाम पर सरकारी खजाने पर बोझ पड़ेगा।

यह मामला जनता के पैसे की बर्बादी का स्पष्ट उदाहरण है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।