ग्वालियर कलेक्टर द्वारा जिलेभर में अवैध कॉलोनियों पर
 बुलडोजर कार्रवाई और सख्त निर्देशों के बीच डबरा 
अनुविभाग के छीमक क्षेत्र में नियमों की खुलेआम धज्जियां 
उड़ाई जा रही हैं। छीमक-कल्याणी रोड स्थित सर्वे क्रमांक 
303 की कृषि भूमि पर कथित तौर पर बिना अनुमति कॉलोनी विकसित कर धड़ल्ले से प्लॉटिंग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।

सूत्रों के मुताबिक खेतों को रातों-रात प्लॉटों में बदला जा रहा है। जमीन पर नापजोख, रास्ते निकालने और प्लॉट बेचने का काम तेजी से चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब प्रशासनिक अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना डायवर्सन और वैध अनुमति के कृषि भूमि पर कॉलोनी काटना नियमों के खिलाफ है, इसके बावजूद अवैध कॉलोनाइजर बेखौफ होकर कारोबार चला रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब जिले के अन्य हिस्सों में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई हो रही है, तो डबरा क्षेत्र के ऐसे मामलों पर प्रशासन इतना “मेहरबान” क्यों दिखाई दे रहा है?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग होती रही तो आने वाले समय में यहां सड़क, पानी, बिजली और वैधानिक अधिकारों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। लोगों ने मांग की है कि राजस्व और नगर प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच करे और अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है —
क्या डबरा में अवैध कॉलोनाइजरों को किसी का संरक्षण प्राप्त है, या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं?