सीहोर
न्यायालय के आदेश के बावजूद विवादित जमीन पर कथित रूप से भू-माफिया द्वारा ट्रैक्टर चलाकर खड़ी फसल नष्ट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कोर्ट ने यथास्थिति (स्टेटस-को) बनाए रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने आदेश की अवहेलना करते हुए खेत में ट्रैक्टर चला दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर पहुंचकर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सकी। इससे पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की मांग करते हुए दोषियों पर कोर्ट के आदेश की अवहेलना और फसल को नुकसान पहुंचाने के मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि न्यायालय के आदेशों का भी खुलेआम उल्लंघन होगा और उस पर समय रहते कार्रवाई नहीं होगी, तो आम नागरिक कानून और न्याय व्यवस्था पर कैसे भरोसा करेगा?
कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद विवादित जमीन पर खेती का आरोप, पीड़ित ने भू-माफियाओं पर लगाए गंभीर आरोप
सीहोर के श्यामपुर तहसील के ग्राम पीपलखेड़ा में विवादित कृषि भूमि पर न्यायालय के स्टे आदेश के बावजूद जबरन खेती किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला लक्ष्मी बाई ने आरोप लगाया है कि उनकी खसरा नंबर 161/4 स्थित भूमि पर 16 जून 2026 से 1 जुलाई 2026 तक न्यायालय का स्टे आदेश प्रभावी होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने ट्रैक्टर चलाकर खेती कर दी।
शिकायत के अनुसार, मनोज, विनोद, अवतार सिंह सहित अन्य लोगों ने चार ट्रैक्टरों के साथ खेत में पहुंचकर खेती का कार्य किया। महिला का आरोप है कि कुछ लोग हथियारों के साथ भी मौजूद थे। विरोध करने पर उनके साथ विवाद किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता का कहना है कि घटना से उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा अपनी भूमि पर शांतिपूर्ण ढंग से खेती करने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस और विपक्षी पक्ष का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
Continue With Google
Comments (0)