फर्जी आदेश का बड़ा खेल: CM के नाम से बनाया ट्रांसफर ऑर्डर, WhatsApp पर भेजकर फैलाया; ₹40 हजार का सौदा


सरकारी आदेश की शक्ल में तैयार किया फर्जी ट्रांसफर लेटर, मोबाइल-टैबलेट जब्त; ₹45 हजार के लेन-देन से जुड़े तार

रिपोर्टर मुस्तकीम मुगल

आलीराजपुर, 23 अगस्त 2026। आलीराजपुर में सरकारी ट्रांसफर आदेश के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल सामने आया है। फर्जीवाड़ा करने वालों ने मुख्यमंत्री के नाम, फोटो और लेटरपैड का इस्तेमाल कर बाकायदा सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला दस्तावेज तैयार किया। इसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला निगवाल का उदयगढ़ से सोंडवा स्थानांतरण दर्शाया गया। इसके बाद इस फर्जी आदेश को WhatsApp के जरिए संबंधित अधिकारी तक पहुंचाया गया।मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपी मुकेश को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में फर्जी आदेश तैयार करने के पीछे ₹40 हजार में सौदा तय होने की बात सामने आई है। आरोपी के मोबाइल की जांच में PhonePe के जरिए ₹45 हजार के ऑनलाइन लेन-देन का भी पता चला है। इससे पुलिस को आशंका है कि फर्जी आदेश तैयार करने का काम बाकायदा आर्थिक लेन-देन के जरिए कराया गया।

सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला फर्जी दस्तावेज

21 जुलाई को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अतुलकर के निजी मोबाइल पर अज्ञात नंबर से WhatsApp संदेश आया। संदेश के साथ ऐसा पत्र भेजा गया, जो मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सरकारी आदेश जैसा प्रतीत हो रहा था।पत्र में मुख्यमंत्री का नाम, फोटो और लेटरपैड इस्तेमाल करते हुए आयुष चिकित्सा अधिकारी का स्थानांतरण आदेश दर्शाया गया था। यानी फर्जीवाड़े में केवल एक सामान्य पत्र तैयार नहीं किया गया, बल्कि उसे सरकारी आदेश का रूप देने की कोशिश की गई।जब पत्र की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची और उसकी सत्यता की जांच की गई तो मामला संदिग्ध निकला। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

फर्जी आदेश तैयार कराने के पीछे पैसों का खेल

जांच में सामने आया कि इस फर्जी आदेश को तैयार करने के लिए ₹40 हजार में सौदा तय किया गया था। वहीं आरोपी के मोबाइल में सोंडवा साकड़ी निवासी नवलसिंह पिता घिरमटिया सरतिया के मोबाइल नंबर से ₹45 हजार का PhonePe ट्रांजेक्शन मिला है।अब पुलिस के सामने बड़ा सवाल यह है कि फर्जी आदेश किसके इशारे पर तैयार कराया गया और इसके पीछे वास्तविक लाभार्थी कौन था। पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने में जुटी है।

मोबाइल और टैबलेट बने जांच की अहम कड़ी

आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और टैबलेट जब्त किए गए हैं। इन उपकरणों की जांच में फर्जी आदेश तैयार करने, उसकी कॉपी रखने, WhatsApp पर भेजने और पैसों के लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना है।पुलिस फर्जी आदेश के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने पहले भी इसी तरह के किसी फर्जी सरकारी आदेश को तैयार या प्रसारित किया था या नहीं।

अन्य लोगों तक भी पहुंच सकती है जांच

मामले में पुलिस ने संबंधित एम.डी. विद्युत विभाग और स्कूल प्रशासन विभाग को भी पत्र जारी किए हैं। पुलिस के अनुसार है।