रामनगर मैहर-- विकाश खण्ड क्षेत्र रामनगर के गोविंदपुर ग्राम पंचायत मे शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं सिर्फ और सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।   कागज और इनके द्वारा दर्ज रिकार्ड पर कार्य की स्थिति मूल्यांकन दिखता है। किन्तु वास्तविकता धरातल स्थिति कुछ भी नहीं रहती इनके कार्य की स्थिति शून्य पर रहती है।
          गोविंदपुर सरपंच रमाशंकर के कार्य नामे देखें तो ये जमीन सतह पर टेलर ब्लाक लगाने पर सेटरिंग का प्रयोग कर भुगतान आहरित करते हैं। आश्चर्यजनक इस बात का है की घर की छत रैंक डालने में सेटरिग प्लांट लगाती है यहां तो जमीन पर पेवर ब्लाक लगाने में प्रयोग हुआ है। धन्यवाद है। ऐसे भ्रष्टाचारी और जुम्मेवार तंत्र वीर सपूत की जय होती है।
       अगर जीआरएस संदीप द्विवेदी के कारनामे देखें तो कागजों पर मेढ बंधान तथा खेत तालाब दिखाई देते हैं। मूल भौतिक स्थिति पर जुम्मेवार अधिकारी जाकर देखे तो कुछ भी नहीं दिखेगा। किन्तु योजनाओं के नाम पर फर्जी तरीके से राशि का आहरण कर भ्रष्टाचार की रोटी पो रहे हैं। जुम्मेवार तंत्र का हिस्सा जांच करने के नाम पर वैशाख की गर्मी दौरान शीतल छांव पर बैठकर मोबाइल डाटा चालू कर नाच मेरी बुल बुल का गाना सुन रहे।
           ग्रामीण जन हितग्राही कुछ बोलने या शिकायत करने का प्रयास करे तो उन्हें धमकाया भी जाता है। इन सब कार्यों पर रोजगार सहायक संदीप द्विवेदी बहुत माहिर हैं। क्या मेढ बंधान खेत तालाब कार्यवाही होगी या बारी ही खेत का जाएगी दीवाल की खूंटी ही हार को निगल लेगी।  ये सब कहावतों तक सीमित था अब क्या यह सत्य होगा।