मध्यप्रदेश: ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसे पुलिसकर्मी की आत्महत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

मंडला: मंडला जिले के बम्हनी बंजर थाना परिसर में आत्महत्या करने वाले पुलिसकर्मी सुनील सरयाम के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में दो महिला संविदा स्टाफ नर्स और उनके भाई को गिरफ्तार किया गया है।

8 जून को, पुलिसकर्मी सुनील सरयाम ने बम्हनी थाना परिसर के सरकारी क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामले की जांच में सामने आया कि मृतक को कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। पैसों की बढ़ती मांग के कारण वह मानसिक तनाव में था, जिससे उसने आत्मघाती कदम उठाया।

पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कोविड काल के दौरान मृतक का आरोपियों से संपर्क हुआ था। इसके बाद, उसे आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

यह मामला एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि कैसे लालच और ब्लैकमेलिंग का खेल किसी व्यक्ति की जिंदगी तबाह कर सकता है। कानून के शिकंजे में आए आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

इस घटना के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि अपराध का रास्ता भले ही आसान लगे, लेकिन अंत में इसका परिणाम सलाखों के पीछे ही होता है। किसी की मजबूरी या सम्मान का गलत फायदा उठाना सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक परिवार की खुशियों को छीन लेने वाला कृत्य है।

बाइट: राजेश रघुवंशी, पुलिस अधीक्षक, मंडला