जयस ने किया एसपी कार्यालय का घेराव युवाओं पर एफआइआर दर्ज करने का विरोध किया

बड़वानी -जय आदिवासी युवा शक्ति यानी जयस संगठन द्वारा  जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जॉगर्स पार्क पर कार्यकर्ता-पदाधिकारी एकत्रित हुए और रैली के रुप में एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां एसपी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। इस दौरान नागलवाड़ी थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 0060-2026 को झूठा बताते हुए इसे तत्काल खारिज करने की मांग की। इस दौरान एसपी कार्यालय का घेराव करते हुए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने बदले की भावना से यह एफआइआर दर्ज की है, जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचा है और समाज में गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सामाजिक कार्यकर्ताओं पर इस तरह की कार्रवाई होती रही, तो लोकतंत्र की मूल भावना पर सवाल खड़े होंगे।
प्रदर्शन के दौरान जयस जिला प्रभारी मुन्ना मोरे और मीडिया प्रभारी विनोद डावर ने बताया कि 17 मार्च 2026 को उनके विरुद्ध धारा 229 (2), 240, 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज एफआइआर पूरी तरह से निराधार और द्वेषपूर्ण भावना से प्रेरित है। उनका कहना था कि उन्होंने केवल एक दुर्घटना के मामले में जनहित में
आवाज उठाई थी, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत कर कार्रवाई की गई। जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजू पटेल ने इस कार्रवाई को आदिवासी समाज की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं जयस प्रदेश प्रवक्ता संदीप नरगावे ने कहा कि जयस हमेशा समाजहित में कार्य करता आया है, लेकिन इस तरह की झूठी एफआइआर से कार्यकर्ताओं का मनोबल तोडने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही एफआइआर खारिज नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेगा।

*दर्ज प्रकरण की जांच जारी*

मामले को लेकर एएसपी धीरज बब्बर का कहना हैं किपूर्व में बालसमुद पुलिस चौकी में जयस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में अपराध पंजीबद्ध किया था। उसी मामले के संबंध में जयस कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे थे और ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की गई है। पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच वर्तमान में की जा रही है।